Diabetes kya hai? or hone ka kya karan hai?
मधुमेह (Diabetes)
मधुमेह आज के समय की सबसे तेज़ी से फैलने वाली बीमारियों में से एक है। भारत में करोड़ों लोग इससे पीड़ित हैं और दुखद बात यह है कि बहुत से लोगों को यह पता भी नहीं होता कि वे इस बीमारी के शिकार हो चुके हैं। सही जानकारी और समय पर उपचार से मधुमेह को पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है।
मधुमेह क्या है?
मधुमेह, जिसे अंग्रेज़ी में Diabetes Mellitus कहते हैं, एक चयापचय (Metabolic) रोग है जिसमें रक्त में शर्करा (ग्लूकोज़) की मात्रा असामान्य रूप से बढ़ जाती है। यह स्थिति तब उत्पन्न होती है जब हमारा अग्न्याशय (Pancreas) पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन नामक हार्मोन नहीं बना पाता, या फिर शरीर की कोशिकाएँ इंसुलिन का सही उपयोग नहीं कर पाती हैं।
इंसुलिन एक ऐसा हार्मोन है जो भोजन से मिलने वाले ग्लूकोज़ को कोशिकाओं तक पहुँचाकर ऊर्जा में बदलता है। जब यह प्रक्रिया बाधित होती है, तो ग्लूकोज़ रक्त में जमा होने लगता है और धीरे-धीरे शरीर के महत्वपूर्ण अंगों जैसे आँखें, गुर्दे, हृदय और नसों को नुकसान पहुँचाता है।
मधुमेह कैसे होता है? — शरीर में क्या बदलता है?
जब हम कुछ खाते हैं तो भोजन पचकर ग्लूकोज़ में बदल जाता है और रक्त में मिल जाता है। इस बढ़े हुए रक्त शर्करा को देखकर अग्न्याशय इंसुलिन स्रावित करता है। इंसुलिन एक चाबी की तरह काम करता है जो कोशिकाओं का दरवाज़ा खोलती है और ग्लूकोज़ को अंदर जाने देती है।
टाइप 2 मधुमेह में कोशिकाएँ इंसुलिन के प्रति असंवेदनशील हो जाती हैं — इसे इंसुलिन प्रतिरोध (Insulin Resistance) कहते हैं। शुरुआत में अग्न्याशय अधिक इंसुलिन बनाकर इस कमी को पूरा करने की कोशिश करता है, लेकिन धीरे-धीरे थककर कम इंसुलिन बनाने लगता है। परिणामस्वरूप रक्त में शर्करा का स्तर बढ़ता रहता है।
यह बढ़ी हुई शर्करा रक्त वाहिनियों की दीवारों को नुकसान पहुँचाती है। इससे हृदय रोग, गुर्दे की बीमारी, दृष्टि कमज़ोर होना और पैरों की नसों में समस्या जैसी जटिलताएँ उत्पन्न होती हैं।
मधुमेह के मुख्य कारण?
मधुमेह किसी एक कारण से नहीं होता, बल्कि कई जीवनशैली और अनुवांशिक कारकों का मेल इसे जन्म देता है।
मोटापा और अधिक वजन:
पेट के आसपास जमी अतिरिक्त चर्बी इंसुलिन प्रतिरोध बढ़ाती है और टाइप 2 मधुमेह का सबसे बड़ा कारण है।
शारीरिक गतिविधि की कमी:
बैठे रहने वाली जीवनशैली में शरीर ग्लूकोज़ का उपयोग नहीं कर पाता, जिससे रक्त में शर्करा जमा होती है।
अनुवांशिकता:
यदि परिवार में माता-पिता या भाई-बहन को मधुमेह है तो इसका खतरा काफी बढ़ जाता है।
तनाव:
लंबे समय का तनाव कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ाता है, जो रक्त शर्करा को प्रभावित करता है।
नींद की कमी:
अपर्याप्त नींद इंसुलिन की कार्यक्षमता को कम करती है।
मधुमेह के प्रमुख लक्षण?
मधुमेह के लक्षण धीरे-धीरे प्रकट होते हैं और अक्सर लोग इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं। यदि आप निम्नलिखित लक्षणों में से कोई भी अनुभव कर रहे हैं, तो तुरंत रक्त जाँच कराएँ।
- बार-बार और अधिक मात्रा में पेशाब आना, विशेषकर रात के समय
- अत्यधिक प्यास लगना — चाहे कितना भी पानी पिएँ, प्यास न बुझे
- थकान और कमजोरी — सामान्य काम करने पर भी अत्यधिक थकान
- आँखों में धुंधलापन, जो आता-जाता रहता है
- घाव का देर से भरना — छोटी चोट भी लंबे समय तक ठीक न होना
- हाथ-पैरों में सुन्नपन, झुनझुनाहट या जलन