Fatty Liver Disease kyu hota hai? iske kya karan hai?
फैटी लिवर (Fatty Liver Disease / NAFLD)
फैटी लिवर आज के समय की सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली लिवर की बीमारी है। खराब खानपान, बैठे रहने वाली जीवनशैली और मोटापे के कारण यह शहरों में बहुत आम हो गई है। अच्छी बात यह है कि शुरुआती अवस्था में जीवनशैली बदलकर इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।
फैटी लिवर क्या है?
फैटी लिवर (Fatty Liver Disease) वह स्थिति है, जिसमें यकृत (Liver) की कोशिकाओं में अत्यधिक वसा (Fat) जमा हो जाती है। सामान्यतः यकृत के कुल वज़न का 5% तक वसा होना सामान्य माना जाता है, लेकिन जब यह इससे अधिक हो जाए, तो इसे फैटी लिवर कहा जाता है।
यह मुख्यतः दो प्रकार का होता है —- AFLD (Alcoholic Fatty Liver Disease): जो शराब के सेवन से होता है।
-NAFLD (Non-Alcoholic Fatty Liver Disease): जो बिना शराब के, केवल खराब खानपान और मोटापे के कारण होता है — और आजकल यही अधिक सामान्य है।
NAFLD की चार अवस्थाएँ होती हैं —
- Simple Fatty Liver: शुरुआती अवस्था, जो पूरी तरह ठीक हो सकती है
- NASH (Non-Alcoholic Steatohepatitis): वसा के साथ सूजन
- Fibrosis: लिवर में दाग़ पड़ना
- Cirrhosis:: लिवर का सिकुड़ना तथा कार्य करने की क्षमता का कम होना
फैटी लिवर कैसे होता है?
यकृत शरीर का सबसे बड़ा आंतरिक अंग है और वसा के चयापचय (Metabolism) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जब हम अधिक कैलोरी लेते हैं और उनका उपयोग नहीं कर पाते, तो अतिरिक्त वसा यकृत की कोशिकाओं में जमा होने लगती है।
मोटापे और इंसुलिन प्रतिरोध की स्थिति में यकृत रक्त से अधिक वसा खींचकर उसे कोशिकाओं में संग्रहित करता है। समय के साथ यह वसा कोशिकाओं को नुकसान पहुँचाती है और सूजन पैदा करती है।
NASH अवस्था में सूजन के साथ कोशिकाओं की मृत्यु होने लगती है और दाग़ (Fibrosis) बनने लगते हैं। यदि यह प्रक्रिया बढ़ती रहे, तो अंततः Cirrhosis की स्थिति विकसित हो सकती है, जो लिवर फेलियर और लिवर कैंसर का जोखिम बढ़ाती है।
फैटी लिवर के कारण?
मोटापा:
BMI 30 से अधिक होने पर जोखिम बहुत बढ़ जाता है।
मधुमेह और इंसुलिन प्रतिरोध:
ये वसा के चयापचय को प्रभावित करते हैं।
जंक फूड और मीठे पेय:
रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट तेजी से वसा में बदलते हैं।
शारीरिक गतिविधि की कमी:
बैठे रहने से वसा जल नहीं पाती।
उच्च कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड:
रक्त में वसा का अधिक स्तर लिवर को नुकसान पहुँचाता है।
थायरॉइड की बीमारी:
Hypothyroidism में मेटाबोलिज्म धीमा हो जाता है।
शराब का सेवन:
AFLD का मुख्य कारण — यह लिवर एंज़ाइम्स को नुकसान पहुँचाता है।
फैटी लिवर के लक्षण?
फैटी लिवर की सबसे बड़ी समस्या यह है कि शुरुआती अवस्था में कोई स्पष्ट लक्षण नहीं होते। अधिकतर मामलों में इसका पता Ultrasound या Blood Test के दौरान चलता है।
- पेट के ऊपरी दाएँ हिस्से में भारीपन या हल्का दर्द
- थकान और कमज़ोरी बिना स्पष्ट कारण
- भूख कम लगना और अपच
- वज़न बढ़ना, विशेषतः पेट के आसपास
- उन्नत अवस्था में:
- पीलिया
- पेट में पानी भरना (Ascites)
- उल्टी में खून — ये Cirrhosis के संकेत हैं