liver cirrhosis bimari kya hai? kaise hoti hai?
Liver Cirrhosis (लिवर सिरोसिस) बीमारी क्या है?
लिवर सिरोसिस एक गंभीर बीमारी है जिसमें लिवर की सामान्य कोशिकाएं धीरे-धीरे नष्ट होकर घाव के निशान (Scar Tissue) में बदल जाती हैं। यह प्रक्रिया इतनी धीमी होती है कि मरीज को वर्षों तक पता नहीं चलता। जब लिवर का अधिकांश हिस्सा Scar Tissue बन जाता है तो लिवर अपना काम सही से नहीं कर पाता। लिवर शरीर का सबसे बड़ा अंग है जो 500 से अधिक महत्वपूर्ण कार्य करता है जैसे खून साफ करना, पाचन में मदद करना और प्रोटीन बनाना।
यह बीमारी कैसे होती है?
जब लिवर को लंबे समय तक नुकसान पहुंचता रहता है तो वह खुद को ठीक करने की कोशिश करता है। इस प्रक्रिया में सामान्य कोशिकाओं की जगह Fibrosis यानी रेशेदार ऊतक बनने लगते हैं। धीरे-धीरे पूरा लिवर कठोर और सिकुड़ा हुआ हो जाता है और उसकी कार्यक्षमता खत्म होने लगती है।
बीमारी के कारण (Causes)?
- शराब का अत्यधिक और लंबे समय तक सेवन — सबसे बड़ा कारण
- हेपेटाइटिस B और C वायरस — दूसरा सबसे बड़ा कारण
- फैटी लिवर रोग (NAFLD) — मोटापे और डायबिटीज से जुड़ा
- ऑटोइम्यून हेपेटाइटिस — शरीर खुद लिवर पर हमला करे
- अनुवांशिक बीमारियां — जैसे Wilson's Disease
- कुछ दवाओं का दीर्घकालिक उपयोग
- मोटापा और अनियंत्रित मधुमेह
लक्षण (Symptoms)?
- शुरुआत में कोई लक्षण नहीं होते
-थकान और कमजोरी
- पेट में पानी भरना (Ascites)
- पैरों में सूजन
- उल्टी में खून आना
- त्वचा में खुजली
- मानसिक भ्रम और याददाश्त कमजोर होना
- हथेलियां लाल होना
- पुरुषों में स्तन बढ़ना
महत्वपूर्ण जानकारी
लिवर सिरोसिस एक बार हो जाने पर पूरी तरह ठीक नहीं होता लेकिन सही इलाज से इसे आगे बढ़ने से रोका जा सकता है। शुरुआती अवस्था में इलाज शुरू किया जाए तो लिवर खुद को कुछ हद तक ठीक कर सकता है। अंतिम अवस्था में लिवर ट्रांसप्लांट ही एकमात्र विकल्प बचता है।
क्या खाएं?
- उच्च प्रोटीन युक्त भोजन — दाल, अंडे का सफेद भाग, मछली
- ताजे फल और सब्जियां — पपीता, सेब, गाजर, पालक
- नारियल पानी — लिवर के लिए बहुत फायदेमंद
- लहसुन और हल्दी — लिवर की सफाई में सहायक
- आंवला — विटामिन C से भरपूर और लिवर के लिए उपकारी
- गाजर का जूस — लिवर को मजबूत करता है
- कम नमक वाला भोजन — पेट में पानी भरने से बचाता है
- छोटे-छोटे भोजन बार-बार लें
क्या न खाएं?
- शराब बिल्कुल बंद करें — एक बूंद भी नहीं
- अधिक नमक — पेट में पानी बढ़ाता है
- तला-भुना और मसालेदार खाना
- रेड मीट और प्रोसेस्ड फूड
- मैदा और बाजार की मिठाइयां
- कच्चा या अधपका मांस और मछली
- अधिक चीनी और मीठे पेय
- डॉ की सलाह के कोई भी दवा न लें
- धूम्रपान पूरी तरह बंद करें