Tuberculosis kya hai? or kaise hota hai?
क्षय रोग — तपेदिक (Tuberculosis / TB)
क्षय रोग, जिसे आम भाषा में TB या तपेदिक कहते हैं, दुनिया की सबसे पुरानी और सबसे घातक संक्रामक बीमारियों में से एक है। भारत में हर साल लाखों लोग TB से पीड़ित होते हैं। अच्छी बात यह है कि सरकार के DOTS कार्यक्रम के तहत TB का उपचार पूरी तरह मुफ्त और प्रभावी है।
१) क्षय रोग (TB) क्या है?
क्षय रोग एक जीवाणु जनित संक्रामक बीमारी है, जो माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस (Mycobacterium Tuberculosis) नामक बैक्टीरिया के कारण होती है। यह बैक्टीरिया मुख्यतः फेफड़ों पर हमला करता है, जिसे पल्मोनरी TB कहते हैं। लेकिन यह मस्तिष्क, रीढ़ की हड्डी, गुर्दे, लिम्फ नोड्स और आँतों को भी प्रभावित कर सकता है, जिसे एक्स्ट्रापल्मोनरी TB कहा जाता है।
TB दो अवस्थाओं में हो सकती है —
- अव्यक्त TB (Latent TB), जिसमें बैक्टीरिया शरीर में होते हैं लेकिन सक्रिय नहीं होते और लक्षण नहीं दिखते और सक्रिय TB (Active TB), जिसमें बैक्टीरिया सक्रिय होकर बीमारी पैदा करते हैं और दूसरों में फैल भी सकते हैं।
- आज के समय में MDR-TB (Multi-Drug Resistant TB) एक बड़ी चुनौती है, जो तब होती है जब मरीज़ अपनी दवाइयाँ बीच में ही छोड़ देते हैं।
३) TB शरीर में कैसे फैलती है?
- TB बैक्टीरिया हवा के माध्यम से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलते हैं। जब कोई सक्रिय TB का मरीज़ खाँसता, छींकता, बोलता या थूकता है, तो लाखों सूक्ष्म बैक्टीरिया हवा में तैरने लगते हैं। ये बैक्टीरिया हवा में घंटों तक जीवित रह सकते हैं।
- जब कोई स्वस्थ व्यक्ति इस बैक्टीरिया से भरी हवा में साँस लेता है, तो बैक्टीरिया उसके फेफड़ों में पहुँच जाते हैं। यदि उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मज़बूत है, तो शरीर इन्हें दबा देता है और बीमारी नहीं होती। लेकिन कमज़ोर प्रतिरक्षा में बैक्टीरिया सक्रिय हो जाते हैं।
- फेफड़ों में बैक्टीरिया के आसपास शरीर एक सुरक्षात्मक परत बना लेता है, जिसे Granuloma कहते हैं। यदि प्रतिरक्षा कमज़ोर हो जाए, तो यह परत टूट जाती है और बैक्टीरिया रक्त में मिलकर पूरे शरीर में फैल सकते हैं।
४) TB होने के कारण और जोखिम कारक?
TB किसी को भी हो सकती है, लेकिन कुछ परिस्थितियाँ इसका खतरा बढ़ा देती हैं।
TB के मरीज़ के करीबी संपर्क में रहना:
घर या कार्यस्थल पर यदि कोई सक्रिय TB का मरीज़ है, तो संक्रमण का खतरा अधिक होता है।
HIV/AIDS:
HIV से पीड़ित व्यक्तियों की प्रतिरक्षा बहुत कमज़ोर होती है, जिससे उन्हें TB होने का खतरा लगभग 20 गुना अधिक होता है।
कुपोषण:
पर्याप्त पोषण न मिलने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमज़ोर हो जाती है।
मधुमेह:
मधुमेह के रोगियों में TB का खतरा लगभग तीन गुना अधिक होता है।
धूम्रपान और शराब:
ये फेफड़ों को कमज़ोर करते हैं और शरीर की प्रतिरक्षा को घटाते हैं।
भीड़भाड़ वाले बंद स्थान:
जेल, झुग्गियाँ या बंद कमरों में रहने से संक्रमण का खतरा अधिक होता है।
क्षय रोग के प्रमुख लक्षण?
TB के लक्षण धीरे-धीरे प्रकट होते हैं। यदि निम्नलिखित में से कोई भी लक्षण दो सप्ताह से अधिक समय तक बना रहे, तो तुरंत TB की जाँच करानी चाहिए।
- दो सप्ताह से अधिक समय से लगातार खाँसी
- खाँसी के साथ खून आना — यह TB का महत्वपूर्ण संकेत है
- रात में पसीना आना, भले ही मौसम ठंडा हो
- शाम को हल्का बुखार, जो आता-जाता रहे
- बिना किसी प्रयास के तेज़ी से वज़न कम होना
- सीने में दर्द और साँस फूलना
- लंबे समय तक थकान और भूख न लगना