यह महत्वपूर्ण ब्लड टेस्ट है, जो आप के किडनी की कार्य क्षमता को मापने के लिए करते जाता है। शरीर में बनने वाला वेस्ट (अपशिष्ट) पदार्थ है, जो मांसपेशियों के काम के दौरान बनता है, किडनी द्वारा खून से छानकर के पेशाब के जरिए से बाहर निकाल जाता है।
- यदि किडनी सही से काम कर रही है, तो खून में क्रिएटिनिन लेवल नार्मल ही रहता है। पर जब किडनी खराब हो जाती है, तो कुछ पदार्थ खून में ही जमा होने लगता है, जिस से स्तर बढ़ जाता है।
२) क्रिएटिनिन कैसे बनता है?
- क्रिएटिनिन शरीर में रहे हुए क्रिएटिन नामक पदार्थ से बनता है, जो के मांसपेशियों से ऊर्जा देने में भी मदद करता है। जब मांसपेशियां अपना काम करती हैं, तो क्रिएटिन टूट कर क्रिएटिनिन में बदल जाता है।
#इसके बाद#
- क्रिएटिनिन खून में जाता है. किडनी फिल्टर करती है. जो के पेशाब के जरिए से बाहर निकल जाता है.
३) सामान्य लेवल कितना होता है?
- एस क्रिएटिनिन का स्तर उम्र, शरीर के बनावट पर निर्भर होता है,
- पुरुष में : 0.7 से 1.3 mg/dL तथा महिलाएं में :0.6 से 1.1 mg/dL , बच्चे में: 0.3 से 0.7 mg/dL.
४) एस क्रिएटिनिन बढ़ने के क्या कारण होते है?
- रिपोर्ट में क्रिएटिनिन का लेवल बढ़ा हुआ है, तो कई कारण हो सकते हैं,
#1. किडनी के बीमारी सामान्य कारण है। जैसे की, किडनी फेलियर, क्रॉनिक किडनी डिजीज।
#2. शरीर में पानी की कमी होने पर भी क्रिएटिनिन का लेवल बढ़ सकता है।
#3. हाई प्रोटीन डाइट लेने पर भी स्तर बढ़ सकता है।
# 4. शरीर में मांसपेशियों के प्रॉब्लम।
# 5. कुछ दवा का सेवन से भी असर होता हैं, जिस से क्रिएटिनिन का लेवल बढ़ सकता है।
५ ) एस क्रिएटिनिन कम हो जाने से क्या होता है?
- कम स्तर पर चिंता का टॉपिक नहीं होता, इसके कारण हो सकते हैं,
- कुपोषण , लिवर के प्रॉब्लम , गर्भावस्था
६ ) इस तरह का टेस्ट कब कराया जाता है?
- किडनी के समस्या लक्षण हों.
- मधुमेह का होना
- पेशाब का रंग बदल जाना
- थकान या तो कमजोरी जैसा महसूस होना
यह टेस्ट नियमित हेल्थ चेकअप का भी हिस्सा होता है।
७) एस क्रिएटिनिन टेस्ट कैसे करते है?
- यह सामान्य ब्लड टेस्ट है, जो के, हाथ के नस में से खून को लिया जाता है. लैब में विश्लेषण किया जाता है.