- सिरोसिस गंभीर लीवर रोग है, जिस में लीवर के कोशिका धीरे-धीरे से नष्ट होकर उनकी जगह पर फाइब्रोसिस बन जाता है। इस में लीवर सामान्य कार्य करने के क्षमता खोने लगता है।
- सिरोसिस के दर्दी में पीलिया आम लक्षण है, जो तब होता है, जब रक्त में बिलीरुबिन का लेवल बढ़ जाता है। इसका उपचार गंभीरता पर निर्भर करता है।
२) पीलिया क्यों होता है? सिरोसिस में?
- लीवर का काम शरीर में से विषैले पदार्थों को निकालना तथा बिलीरुबिन के प्रोसेस करना होता है।
- जब भी लीवर सिरोसिस के कारण क्षतिग्रस्त होता है, तो वह बिलीरुबिन को बाहर नहीं निकाल पाता है। परिणामस्वरूप, बिलीरुबिन खून में ही जमा होने लगता है, आंखों में पीला रंग भी दिखाई देता है।
३) क्या पीलिया पूरी तरह से ठीक हो सकता है?
1. सिरोसिस का चरण
- यदि सिरोसिस शुरुआती चरण में है, तो सही उपचार , जीवनशैली में बदलाव से लीवर कार्यक्षमता कुछ हद तक सुधर जाती है।
2. कारण का इलाज - सिरोसिस कितने ही कारणों से हो सकता है, जैसे: की,
- शराब का बहुत ही अधिक सेवन करना।
- हेपेटाइटिस - B या तो, हेपेटाइटिस -C का संक्रमण।
यदि समय रहते ही इलाज लिया जाए, तो पीलिया में सुधार होता है।
3. उपचार
डॉ. के द्वारा दी गई दवा, पोषण तथा नियमित जांच से पीलिया को कण्ट्रोल करने में मदद मिलती है
४) किन स्थितियों में पीलिया गंभीर संकेत दे सकता है?
-सिरोसिस में पीलिया का होना जटिलताओं का संकेत हो सकता है, जैसे: की,
- लीवर फेलियर . संक्रमण , हेपेटिक एन्सेफैलोपैथी।
- यदि पीलिया में निम्न लक्षण दिखाई दें, तो डॉ. से संपर्क करना चाहिए:
- बहुत ही कमजोरी का होना।
- पेट में सूजन का हो जाना
- मानसिक भ्रम जैसा लगना।
५) पीलिया को कण्ट्रोल करने के लिए क्या उपाय है?
- सिरोसिस में पीलिया को कण्ट्रोल करने के लिए उपाय हो सकते हैं,
1. शराब का पूर्ण रूप से त्याग करना
2. डॉ. की सलाह से संतुलित आहार का सेवन करना।
3. दवा का सही तरह से उपयोग करना
4 . संक्रमण से बचाव के लिए टीकाकरण , साफ-सफाई का ध्यान रखें।
६) क्या लीवर ट्रांसप्लांट का समाधान है?
- जब भी सिरोसिस अधिक बढ़ जाता है ,लीवर भी काम करना बंद कर देता है, तब लीवर ट्रांसप्लांट ही अंतिम ऑप्शन होता है।
- ट्रांसप्लांट के बाद पीलिया ठीक हो सकता है, नया लीवर सामान्य रूप से कार्य करता है।