
१) क्रॉनिक गैस्ट्रिक अल्सर का इलाज?
- क्रॉनिक गैस्ट्रिक अल्सर गंभीर बीमारी है, जिस में पेट की अंदरूनी पर्त में घाव बन जाता है।
- जब यह अल्सर लंबे समय तक 3 महीने से भी अधिक बना रहता है. बार-बार वापस आता है, तो इसे “क्रॉनिक” कहा जाता है।
- अगर सही समय पर इसका सही इलाज नहीं किया जाए, तो यह गंभीर समस्याओं का कारण हो सकता है.

२) क्रॉनिक गैस्ट्रिक अल्सर के कारण?
- क्रॉनिक गैस्ट्रिक अल्सर कई कारण से हो सकते हैं, जैसे की,
- H. pylori बैक्टीरिया के संक्रमण से
- बहुत ही ज्यादा मसालेदार तैलीय भोजन करने से
- मानसिक तनाव तथा अनियमित जीवनशैली
- ये सब कारक पेट के पर्त को नुकसान पहुंचाते हैं, जिस से अल्सर होता है।

३) क्रॉनिक गैस्ट्रिक अल्सर के लक्षण?इस बीमारी के लक्षण इस तरह से हैं,
- पेट में जलन होना
- भूख भी सही से नहीं लगना
- वजन का कम होना
- गंभीर परीस्थिति में खून की उल्टी
यह लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉ से संपर्क करना चाहिए।
४) क्रॉनिक गैस्ट्रिक अल्सर का सही इलाज?
# 1. दवा के द्वारा इलाज
- डॉ. आमतौर पर इस तरह के दवाएं देते हैं:
- ओमेप्राजोल, पेट के एसिड को कम करते हैं.
- H. pylori संक्रमण को खत्म करने के लिए एंटीबायोटिक्स
# 2. आहार में परिवर्तन
# किन चीजों से बचें
- ज्यादा मसालेदार तला हुआ खाना।
- चाय, कोल्ड ड्रिंक्स
- शराब तथा धूम्रपान
#क्या खाएं
- हल्का भोजन
- दही , दलिया
- हरी सब्जियां तथा फल
#3. जीवनशैली में सुधार
- धूम्रपान को पुरे तरह से छोड़ दें
- शराब को नहीं पीना
- नियमित ७-८ घंटे नींद लें
५) क्रॉनिक गैस्ट्रिक अल्सर से बचाव?
- संतुलित आहार को लें
- तनाव को कण्ट्रोल में रखे