
१) होम्योपैथी में सही रेमेडी को कैसे चुनें?
- होम्योपैथी ऐसी चिकित्सा पद्धति है जो केवल बीमारी का नहीं, पूरे व्यक्ति का इलाज करती है।
- इसमें शरीर, मन तथा व्यक्ति के स्वभाव—तीनों को ध्यान में रख कर के दवा का चयन किया जाता है।
- यही कारण है कि, एक ही बीमारी के लिए अलग-अलग लोगों को अलग दवा को दिया जाता हैं।
२) होम्योपैथी में किन चीज को ध्यान में रखा जाता है?
#1. पहले लक्षणों के जांच करना
- होम्योपैथी में दवा को चुनने से पहला महत्वपूर्ण कदम , लक्षणों का सही से विश्लेषण करना।
- सिर्फ यह जानना ही काफी नहीं होता है, कि कौन-सी बीमारी है,
#ध्यान देने वाली बातें:
- बीमारी शुरुआत कब से शुरू हुई है?
- किन -किन समस्या के कारण से ज्यादा बढ़ती सकती है?
- किन चीजों से आराम मिलता है,या कोई खास स्थिति?
#2. मानसिक तथा भावनात्मक स्थिति के महत्व
- होम्योपैथी शारीरिक लक्षणों तक ही सीमित नहीं है। पर व्यक्ति के मानसिक तथा भावनात्मक स्थिति भी जरुरी होती है.
#कुछ महत्वपूर्ण मानसिक संकेत#
- क्या - व्यक्ति को जल्दी से गुस्सा हो जाता है?
* क्या बार-बार डर या तो, चिंता रहती है?
* क्या अकेलापन महसूस करता है?
#3. समानता वाले सिद्धांत
- होम्योपैथी का महत्वपूर्ण सिद्धांत है—“जैसा रोग, वैसी ही दवा”।
# 4. सही पोटेंसी का चयन करना
- होम्योपैथिक दवा अलग पोटेंसी में होती हैं, और सही पोटेंसी को चुनना जरूरी होता है।
- लो पोटेंसी 30C :: नई समस्याओं के लिए.
- हाई पोटेंसी : पुरानी या तो,गहरी समस्याओं के लिए.
# 5. दवा के सही मात्रा में लेने से
- होम्योपैथी के दवा को बार - बार लेने की जरुरत नहीं होती है।
#ध्यान रखें#
- दिन में १-२ बार ही दवा को लेना होता है. और दवा को हाथ से नहीं छूना चाहिए।
#5. इलाज के समय क्या सावधानियां रखना चाहिए?
- होम्योपैथी को सुरक्षित इसलिए माना जाता है, की इसका कोई साइड - इफ़ेक्ट नहीं होता है.
- डॉ. से कब मिलें
- यदि बीमारी ज्यादा से भी बनी हुई है. अगर लक्षण बार-बार लौट रहे हैं तब।
# 7. अनुभवी ड़ॉ. से सलाह लेना क्यों जरूरी है?
- हर व्यक्ति के लक्षण अलग होते हैं, इसलिए अनुभवी डॉ. ही सही दवा , पोटेंसी का चयन कर सकता है।
- शारीरिक लक्षण , मानसिक स्थिति, जीवनशैली
इन तीनों को मिला कर के ही व्यक्तिगत उपचार योजना को बनाता है।
#8. जरूरी टिप्स
- होम्योपैथी के दवा को लेते समय छोटी-छोटी बात का ध्यान रखना बहुत जरूरी है,
- दवा को खाने से 15 मिनट पहले तथा दवा को खाने के बाद में कुछ भी न खाएं।