१) बच्चों में मेसेंट्रिक लिम्फ नोड्स (Mesenteric Lymph Nodes) अधिक क्यों दिखाई देते हैं?
मेसेंट्रिक लिम्फ नोड्स छोटे-छोटे लिम्फ ग्रंथि होती हैं जो की आंतों के आसपास की मेसेंट्री नामक झिल्ली में होती हैं।
- इनका मुख्य काम शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करना और संक्रमण से लड़ना होता है।
- बच्चों में ये लिम्फ नोड्स कई बार अल्ट्रासाउंड या अन्य जांचों में सामान्य से बड़े दिखाई देते हैं, जिसे mesenteric lymphadenitis कहा जाता है।
यह स्थिति अक्सर चिंताजनक नहीं होती लेकिन इसके कारण और लक्षणों को समझना आवश्यक होता है।
* 1. बच्चों की प्रतिरक्षा प्रणाली का विकासशील होना बच्चों की प्रतिरक्षा प्रणाली अभी विकास के चरण में होती है। इसलिए जब कोई वायरल या बैक्टीरियल संक्रमण होता है, तो शरीर की रक्षा प्रणाली तुरन्त सक्रिय हो जाती है।
- मेसेंट्रिक लिम्फ नोड्स इन संक्रमणों के प्रति बहुत जल्दी प्रतिक्रिया करते हैं और सूज जाते हैं।
- इसका मतलब यह है कि ये लिम्फ नोड्स ठीक से कार्य कर रहे हैं, न कि कोई गंभीर बीमारी का संकेत।
2. वायरल संक्रमण — सबसे सामान्य कारण
बच्चों में मेसेंट्रिक लिम्फ नोड्स के बढ़ने का सबसे नार्मल कारण वायरल का संक्रमण होता है, जैसे की , एडेनोवायरस , रोटावायरस , एंटरोवायरस
ये वायरस पेट में दर्द, डायरिया, उल्टी और बुखार जैसे लक्षण पैदा करते हैं, जो "पेट की वायरल बीमारी" के रूप में सामने आते हैं। लिम्फ नोड्स इस वायरस से लड़ने में सक्रिय हो जाते हैं और सूज जाते हैं।
3. गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल का संक्रमण
आंतों में होने वाले जीवाणु संक्रमण , या बैक्टीरिया के कारण आंतों की सूजन (gastroenteritis) होती है, जिससे मेसेंट्रिक लिम्फ नोड्स बड़ा हो सकते हैं।
- कई बार यह स्थिति एपींडिसाइटिस की नकल करती है क्योंकि दोनों में पेट के निचले दाएं हिस्से में दर्द होता है।
4. टॉन्सिलिटिस और ऊपरी श्वसन संक्रमण
कई बार बच्चों में गला खराब होना, टॉन्सिल का बढ़ना या सर्दी-खांसी जैसे संक्रमण भी शरीर के अन्य लिम्फ नोड्स के साथ-साथ मेसेंट्रिक लिम्फ नोड्स को भी प्रभावित करते हैं।
- ये सभी लिम्फ ग्रंथियाँ आपस में ही जुड़ी होती हैं और संक्रमण के प्रति एकजुट होकर प्रतिक्रिया देती हैं।
5. अनावश्यक जांच
आजकल डॉक्टर किसी भी पेट दर्द की शिकायत में अल्ट्रासाउंड की सलाह देते हैं। इस वजह से मेसेंट्रिक लिम्फ नोड्स की सूजन अक्सर "incidentally" यानी कि गलती से पता चलती है, जब वो किसी और कारण से अल्ट्रासाउंड करा रहे होते हैं। यह सूजन आमतौर पर अस्थायी और हानिरहित होती है।
6. कुछ दुर्लभ लेकिन गंभीर कारण
हालांकि अधिकांश मामलों में यह स्थिति सामान्य होती है, लेकिन कुछ दुर्लभ मामलों में मेसेंट्रिक लिम्फ नोड्स का बढ़ना गंभीर रोगों का संकेत हो सकता है, जैसे:
- ट्यूबरकुलोसिस
- लिम्फोमा
- क्रोहन डिजीज
इन मामलों में लक्षण लम्बे समय तक बने रहते हैं जैसे वजन घटना, रात में पसीना आना, लगातार बुखार आदि।
7. उपचार और देखभाल
अधिकांश बच्चों में मेसेंट्रिक लिम्फ नोड्स कुछ दिनों या हफ्तों में अपने आप सामान्य हो जाते हैं। यदि बच्चा सामान्य रूप से खा-पी रहा है और गंभीर लक्षण नहीं हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं होती।
* उपचार में शामिल हो सकते हैं:
- तरल पदार्थों में भरपूर मात्रा
- आराम
- वायरल या बैक्टीरियल संक्रमण की स्थिति में डॉक्टर द्वारा सुझाई गई दवाएं
- पेट दर्द या बुखार के लिए पैरासिटामोल
निष्कर्ष
बच्चों में मेसेंट्रिक लिम्फ नोड्स का बढ़ना आम है और ज्यादातर मामलों में यह संक्रमण की सामान्य प्रतिक्रिया होती है।
इस से कोई भी डरने की जरूरत नहीं होती, जब तक कि लक्षण गंभीर न हों या लंबे समय तक न बने रहें। यदि पेट दर्द लगातार बना रहे, बच्चा कमजोर दिखे या वजन तेजी से घटे, तो बाल रोग विशेषज्ञ से तुरंत संपर्क करना चाहिए।