- विटामिन E शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट विटामिन है, जो हमारे शरीर के लिए बहुत ही जरुरी है। यह मुख्य रूप से सेल्स के सुरक्षा, प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत , त्वचा तथा बालों के स्वास्थ्य के लिए जाना जाता है।
- विटामिन E शरीर में वसा के साथ मिलकर के कार्य करता है, तथा कोशिकाओं के झिल्लियों को क्षति से भी बचाता है।
२) विटामिन E क्या है?
विटामिन E समूह है जिसे टोकॉफेरॉल भी कहा जाता है। इस में अल्फा-टोकॉफेरॉल सबसे एक्टिव तथा शरीर के लिए सबसे उपयोगी है।
यह विटामिन प्राकृतिक रूप से कई तरह के खाद्य पदार्थों में मिलता है,जैसे कि,
- हरी पत्तेदार वाले सब्जियाँ।
- बीज तथा नट्स।
- साबुत अनाज।
* कुछ फल में जैसे कि, एवोकाडो तथा किवी।
३) शरीर में विटामिन E का क्या रोल होता है?
विटामिन E कई तरह से शरीर को लाभ पहुंचाता है।, जैसे की,
a) एंटीऑक्सीडेंट का काम - विटामिन E फ्री रेडिकल्स रासायनिक पदार्थ हैं जो के शरीर की कोशिकाओं को क्षति पहुँचा सकते हैं , तथा उम्र बढ़ने, कैंसर, हृदय रोग जैसी समस्याओं का कारण बन सकते हैं।
- विटामिन E इन से लड़कर के कोशिकाओं के सुरक्षा करता है।
b) हृदय स्वास्थ्य में सहायक - विटामिन E रक्त वाहिका में कोलेस्ट्रॉल के ऑक्सीकरण प्रक्रिया को रोकता है।
- यह विशेष रूप से खराब कोलेस्ट्रॉल के ऑक्सीकरण को कम करके धमनियों में ब्लॉकेजकी संभावना घटाता है।
c) प्रतिरक्षा प्रणाली को भी मजबूत बनाता है.
- इम्यून सिस्टम को भी मजबूत बनाता है।
- यह सफेद रक्त कोशिकाओं के कार्य को बढ़ाता है, तथा शरीर को संक्रमणों से लड़ने में सक्षम बनाता है।
d) त्वचा तथा बालों के लिए लाभदायक
- त्वचा की नमी को बनाए रखने, झुर्रियों को कम करने तथा सूरज की UV किरणों से सुरक्षा में मदद करता है।
e) मांसपेशियों तथा तंत्रिकाओं के स्वास्थ्य के लिए
- विटामिन E मांसपेशियों तथा नसों में ऑक्सीजन को पहुंचाने, सूजन को कम करने में भी मदद करता है।
४)विटामिन E के कमी होने का लक्षण?
शरीर में विटामिन E की कमी हो जाए, तो इसके मुख्य लक्षण हैं,
- मांसपेशियों में कमजोरी तथा थकान जैसा लगना
- दृष्टि के समस्याएँ।
- हाथ-पैर में झुनझुनी या सुन्नपन जैसा लगना
- त्वचा तथा बालों के समस्याएँ
५) विटामिन E का अधिक सेवन तथा सावधानियाँ?
विटामिन E की कमी से बचना भी जरुरी है, पर इसका ज्यादा सेवन भी हानिकारक हो सकता है।
- रक्त का पतला हो सकता है.
- रक्तस्राव का जोखिम भी बढ़ सकता है.
विटामिन E का सेवन संतुलित मात्रा में तथा डॉ. की सलाह से करना चाहिए।