हम में से भी कितने लोग कभी न कभी तो,फूड पॉइजनिंग का शिकार हुए ही होंगे। खराब भोजन खाने के कुछ ही घंटों के बाद में जब उल्टी, दस्त, और पेट में दर्द जैसी परेशानी होती है, तो यही *फूड पॉइजनिंग* कहलाती है।
- यह समस्या देखने में तो, बहुत ही साधारण है, पर इसका सही इलाज अगर सही समय पर न किया गया , तो यह शरीर को गंभीर रूप से डिहाइड्रेट कर सकती है। कुछ केस में तो,अस्पताल में एडमिट होने की भी जरुरत पड़ सकती है.
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१)फूड पॉइजनिंग क्या है?
यह एक तरह का संक्रमण या विषाक्तता है, जो तब होता है, जब हम ऐसा खाना या पानी को ग्रहण करते हैं, जिस में बैक्टीरिया, और वायरस, या उनके द्वारा उत्पन्न टॉक्सिन मौजूद होते हैं।
सबसे आम कारण जीवाणु हैं —जो की ,इस तरह का है,
""सैल्मोनेला""
""ई.कोलाई""
""नोरोवायरस और रोटावायरस"'
इन सूक्ष्मजीव खराब या बासी खाना, और ख़राब पानी, या गलत तरीके से स्टोर किए गए फूड में तेजी से बढ़ते हैं।
२)फूड पॉइजनिंग होने के मुख्य कारण क्या है?
फूड पॉइजनिंग होने के कारण निचे बताये अनुसार हो सकते है, जैसे की,
- बासी भोजन या तो,अधपका हुआ भोजन को खाने से.
- दूषित पानी को पिने से भी।
- सड़क के किनारे खुले में रखे हुए समोसे, चाट, या कटे फल को खाने से ।
- बिना हाथ को धोकर खाना को खाने से।
- फ्रिज में ज्यादा लंबे समय तक रखे हुए भोजन को दूसरी बार गर्म कर के खाने से ।
३)फूड पॉइजनिंग होने के क्या लक्षण होते है ?
इसके लक्षण आम तौर पर २ से ४ घंटे के अंदर दिखने लग जाते है, जैसे की —
- उल्टी का होना।
- पेट में ऐंठन का होना और तेज दर्द का होना।
- कमजोरी और चक्कर जैसा लगना।
- बुखार का आना
* डिहाइड्रेशन का संकेत।
बच्चे, और बुजुर्ग , गर्भवती महिला अगर इस तरह का कोई भी लक्षण हों, तो इलाज में देर नहीं करना चाहिए.
४)फूड पॉइजनिंग का घरेलू इलाज?
- उल्टी और दस्त से अपने शरीर में पानी की बहुत ही कमी हो जाती है। इसलिए "ORS का घोल", और "नारियल पानी" बार-बार लेते रहें।
- जब तक लक्षण बने रहें, तब तक हल्का और सादा भोजन करे।
- अदरक वाली चाय पिने से उल्टी और मिचली से राहत दिलाते हैं।
- दही में “गुड बैक्टीरिया” आंत को संतुलित करते हैं, जिस से रिकवरी में बहुत ही मदद मिलती है.
५) बचाव के लिए क्या उपाय है?
फूड पॉइजनिंग से बचने के लिए कुछ उपाय बताये है,-
- भोजन को हमेशा ताज़ा और पुरे तरह से पका हुआ ही खाएं।