male infertility treatment in homeopathic
१)पुरुष बांझपन क्या होता है?
पुरुष बांझपन का अर्थ है कि, किसी पुरुष को अपनी प्रजनन प्रणाली में कोई प्रॉब्लम है, जिससे वह अपनी महिला को गर्भवती नहीं कर पाता है.
- पुरुषों में बांझपन कम शुक्राणु उत्पादन होने से या खराब शुक्राणु की गुणवत्ता को रोकने वाली रुकावटों के कारण से होता है।

२) पुरुष बांझपन के होने के क्या लक्षण दिखाई देते है?
पुरुष बांझपन होने के लक्षण निचे बताये अनुसार हो सकते है। जैसे की ,
- यौन क्रिया में परेशानी
-अंडकोष क्षेत्र में दर्द, या सूजन होना
-हार्मोनल में परिवर्तन
-वीर्य की मात्रा में कमी हो जाना
-बार-बार श्वसन पथ के संक्रमण
-सूंघने में असमर्थता
-मोटापा

३) पुरुष बाँझपन होने के क्या -क्या कारण हो सकते है ?
पुरुष बाँझपन होने के कारण निचे बताया गया है जो की इस प्रकार से है,
१ )शुक्राणु संबंधी समस्याएं :
- शुक्राणु की गुणवत्ता में कमी का हो जाना : शुक्राणु गति का कम होना, या शुक्राणु की संख्या में कम हो जाना
- शुक्राणु को ले जाने वाली नलि में रुकावट का होना.
२) हार्मोनल का असंतुलन होना
-पुरुष हार्मोन की कमी या अधिकता : शुक्राणु उत्पादन को असर कर सकता है.
-पिट्यूटरी ग्रंथि की समस्या : यह ग्रंथि हार्मोन के उत्पादन को कण्ट्रोल करती हैं.
३) जीवनशैली कारक
- ज्यादा शराब का सेवन करना : शराब शुक्राणु उत्पादन को असर कर सकता है.
-धूम्रपान : धूम्रपान करने से शुक्राणु की गुणवत्ता में कमी दिखाई देती है .
- नशीले पदार्थों का उपयोग करने से : कुछ दवाएं का सेवन करने से शुक्राणु उत्पादन को काफी असर कर सकती हैं.
4) पुरुष बांझपन के लिए जोखिम कारक क्या हैं?
पुरुष बांझपन के लिए जोखिम कारक नीचे दिए जा सकते हैं, - 1. आयु
- शुक्राणु गतिशीलता में कमी
- संतान में आनुवंशिक विकारों का जोखिम बढ़ जाना
-2. धूम्रपान
- सिगरेट के धुएं में निकोटीन रसायन होते हैं जो शुक्राणु कोशिकाओं में डीएनए क्षति को बढ़ा सकते हैं
-3. शराब का सेवन
शराब का सेवन शुक्राणु उत्पादन को कम कर सकता है
-4. मोटापा
अधिक वजन होने से भी शुक्राणु उत्पादन और गुणवत्ता में कमी आती है
-5. पर्यावरण विषाक्त पदार्थ से
पर्यावरण के प्रदूषकों में लंबे समय तक संपर्क में रहने से प्रजनन क्षमता में असर होता है
- कीटनाशक, शाकनाशी
-औद्योगिक रसायन