acid reflux treatment in homeopathy
१ )एसिड रिफ्लक्स क्या है?
आज के समय की तेज़ रफ्तार जिंदगी में अनियमित खान-पान और चिंताजनक दिनचर्या के चलते पेट से जुड़ी हुयी कई तरह की समस्याएं का होना एक आम हो गया हैं। और इन्हीं में से एक ,एसिड रिफ्लक्स है,जो कि परेशान करने वाली समस्या है।
-यह तब होता है , जब हमारे पेट में बनने वाला अम्ल भोजन नली में से ईसोफेगस में वापस आने लग जाता है, जिससे की सीने में जलन का होना , खट्टी डकार का आना और गले में जलन जैसा लगता है.इसे ही एसिड रिफ्लक्स कहते हैं।
२) एसिड रिफ्लक्स के क्या लक्षण हो सकते है?
- सीने में जलन होना। यह तो आम लक्षण है, जो की खाने के बाद रात में सोते समय अधिक महसूस होता है।
- गले में जलन का होना या मुँह में से खट्टी डकारें का आना
- मुंह का स्वाद भी कड़वा जैसा होना
- खांसी का आना
- मुंह में से गंदी दुर्गंध का आना
- कभी -कभी तो छाती में दर्द का होना और सांस लेने में भी परेशानी हो सकता है.
३) एसिड रिफ्लक्स के क्या कारण है?
एसिड रिफ्लक्स के कारण निचे अनुसार हो सकते है, जैसे की,
- ज़्यादा तली-भुनी या मसालेदार चीजें को खाने से।
- ज्यादा चाय और कॉफी का सेवन
- खाना खाने के तुरंत ही बाद में लेटना या झुकना
- धूम्रपान और शराब के कारण से
- ज्यादा मोटापा का हो जाना
- तनाव और नींद की कमी हो जाने से
३) जोखिम किन्हें ज़्यादा होता है?
- गर्भवती महिलाओं में हार्मोनल के असंतुलन और बदलाव पेट पर दबाव के कारण।
- मोटे हुए लोगों को पेट की चर्बी बढ़ने के कारण।
- बहुत ही ज्यादा मात्रा में जंकफूड का उपयोग करने से
४) उपचार और घरेलू उपाय?
- सौंफ और मिश्री ,धनिया का काढ़ा पिने से एसिड को कम करने में आराम मिलता है।
- हल्के गर्म पानी और भोजन के बाद थोड़ी देर टहलना।
- एलोवेरा का जूस, नारियल पानी और छाछ भी एसिडिटी को कम करने में सहायक हैं।
- कम चाय पिने से भी गैस और एसिड को शांत करता है।
* ध्यान दें * :: लगातार समस्या होने पर डॉ. से परामर्श अवश्य लें, क्योंकि ज्यादा लंबे समय तक एसिड रिफ्लक्स का रूप ले सकता है.
५) बचाव के उपाय?
- छोटे-छोटे भागो में दिन में ३-४ बार भोजन का सेवन करें।
- खाना खाने के बाद में तुरंत नहीं सोना चाहिए.
- सिर को ऊँचा करके सोएं।
- मसालेदार खाना और तैलीय भोजन से दुरी रखे।
- धूम्रपान और शराब को हमेशा के लिए त्याग दे.