navjaat piliya kya hai
१) नवजात पीलिया क्या है?
नवजात बच्चो में पीलिया का होना सामान्य है। इस में बच्चे की स्किन और आँखों का भाग भी पिले रंग जैसा दिखाई देने लगता है। यह तब होता है, जब की खून में बिलीरुबिन नामक पदार्थ की मात्रा ज्यादा हो जाती है।
- जो शरीर में पुराने लाल रक्त कोशिका के टूट जाने से बनता है। यह लिवर के माध्यम से भी साफ हो जाता है, पर नवजात शिशुओं में लिवर पूरी तरह से विकसित नहीं होने से पदार्थ शरीर में ही जमा होने लग जाते है.
२) नवजात पीलिया के कितने प्रकार है?
*१) सामान्य पीलिया - अधिकांश बच्चो में जन्म के २ दिन के बाद ही हल्का पीलिया हो सकता है।
- यह अपने आप से ही १ सफ्ताह में ठीक हो जाता है ,और इसे सामान्य माना जाता है।
*२) गंभीर पीलिया
- बिलीरुबिन का लेवल बहुत तेजी से बढ़ने लग जाता है। और सही समय पर इलाज न मिले तो दिमाग कोभी हानि कर सकता है।
३) नवजात पीलिया होने के क्या कारण हो सकते है?
नवजात पीलिया होने के कारण निचे अनुसार है ,जैसे की,
- लाल रक्त की कोशिका का ज्यादा मात्रा में टूटने से पीलिया होने की संभावना ज्यादा हो सकती है।
- माता और बच्चे का ब्लड ग्रुप सही से नहीं मिलना
-कुछ संक्रमण के कारण से भी बिलीरुबिन का लेवल बढ़ सकता है।
४) नवजात पीलिया के क्या लक्षण है?
- त्वचा का रंग पीला पड़ जाना और चेहरे से शुरू हो कर पैरों तक फैलना।
- आँखों का सफेद भाग भी पीला जैसा दिखना
- बच्चों को बार-बार नींद का आना।
- दूध पीने से बार-बार उल्टी कर दें ।
- बहुत गंभीर मामलों में तो बच्चा चिड़चिड़ा हो जा सकता है, और उनकी हाथ-पाँव अकड़ सकते हैं।
५) पीलिया का क्या निदान?
डॉ. पीलिया की पहचान करने के लिए कुछ शारीरिक जाँच करते हैं:
- बच्चे की स्किन और उनके आँखों का निरीक्षण।
- रक्त में बिलीरुबिन का लेवल को मापा जाता है।
#उपचार ?
नवजात पीलिया का इलाज गंभीरता पर निर्भर करता है। जैसे की ,
- डेली स्तनपान जारी रखने से।
- बच्चे को नीली रोशनी के नीचे रखते है , जिस से की बिलीरुबिन टूट कर शरीर से बाहर निकल जाये।
- डॉक्टर के अनुसार IVफ्लूडस को दिया जा सकता है।
#क्या जटिलताएँ होती है ?
अगर पीलिया का इलाज सही समय पर नही हो, तो गंभीर हो सकता है और बच्चे के मस्तिष्क को भी हानि हो सकती है.
- कभी -कभी तो सुनने में परेशानी का होना
- बच्चो के विकास में भी देरी का होना