jyada pasina aane ka laksan karan ilaj
१) ज़्यादा पसीना आने की बीमारी – कारण, लक्षण और इलाज?
शरीर का पसीना आना प्राकृतिक प्रक्रिया है, जो शरीर के तापमान को कण्ट्रोल करने और टॉक्सिन बाहर निकालने में मदद करती है। पर जब बिना किसी कारण, मौसम या मेहनत के भी शरीर से ज्यादा पसीना आने लगे, तो इसे सामान्य नहीं माना जाता। इस समस्या को चिकित्सा भाषा में **हाइपरहाइड्रोसिस (Hyperhidrosis)** कहा जाता है।
- यह बीमारी शरीर के किसी खास हिस्से—जैसे हथेलियों, पैरों, कांख, पीठ या पूरे शरीर को प्रभावित कर सकती है।
- ज़्यादा पसीना न केवल असहजता पैदा करता है, बल्कि आत्मविश्वास, सामाजिक जीवन और दैनिक गतिविधियों में भी असर डालता है।
१) ज़्यादा पसीना आने के प्रमुख कारण क्या है?
Hyperhidrosis के दो प्रकार होते हैं—**Primary** और **Secondary Hyperhidrosis**। दोनों के कारण अलग-अलग हैं:
#*1. Primary Hyperhidrosis (मुख्य कारण वाला पसीना)
- इस प्रकार में पसीना आने का कोई स्पष्ट कारण नहीं मिलता। यह आमतौर पर:
* आनुवंशिक कारण से
* तनाव से
* गर्मी से
- यह ज्यादातर हथेलियों, पैरों, कांख और चेहरे पर होता है।
#2. Secondary Hyperhidrosis (अन्य रोगों के कारण पसीना)**
इसमें पसीना किसी अंदरूनी बीमारी का लक्षण होता है, जैसे: की.
* थाइरॉयड की प्रॉब्लम
* मधुमेह
* हार्मोनल का असंतुलन
* मोटापा
* संक्रमण
* कुछ दवाइयों के साइड इफ़ेक्ट होने से
इसमें पसीना पूरे शरीर में आता है, और अक्सर रात में भी बढ़ जाता है।
#*ज़्यादा पसीना आने के क्या लक्षण है ?
* बिना मेहनत के भी पसीना का आना।
* हथेलियां इतनी गीली पकड़ना के मुश्किल हो जाए,
* पैरों में नमी और बदबू का आना
* कपड़ों पर पसीने के धब्बे
* चेहरा पर अचानक से पसीने का आना
* त्वचा में घमौरियां, रैशेस या फंगल इंफेक्शन
३) अधिक पसीना आने से होने वाले नुकसान क्या है?
पसीना आना शरीर के लिए भी बहुत ही जरूरी है, पर अत्यधिक पसीना कई समस्याएं पैदा कर सकता है:
* फंगल इंफेक्शन का होना
* खराब गंध।
* हाथों से लिखने–पकड़ने में परेशानी का होना।
* आत्मविश्वास में कमी का होना।
* बार-बार कपड़े बदलने की जरूरत।
४) Hyperhidrosis की जांच कैसे की जाती है?
डॉ. पहले कारण पता करने के लिए कुछ जाँच करते हैं:
- ब्लड टेस्ट
- स्टर्च
-आयोडीन टेस्ट (पसीना कहां ज्यादा आता है यह पता करने के लिए)
- बीमारी और दवाइयों का इतिहास
- स्किन टेस्ट
**घरेलू और प्राकृतिक उपाय क्या है?**
* एलोवेरा जेल , नींबू का उपयोग करना।
* कॉटन के ढीले कपड़े को पहनना।
*चाय-कॉफी और तली चीज़ें को कम करें।
* बगल और पैरों को हमेशा साफ और सूखा रखें।
* पर्याप्त पानी पिएँ ताकि शरीर ठंडा रहे