Narcolepsy ka homeopathic me kya ilaj hai?
१) नार्कोलेप्सी का सही इलाज क्या है?
नार्कोलेप्सी न्यूरोलॉजिकल स्लीप डिसऑर्डर है, जिस में व्यक्ति को अचानक बहुत ही नींद आने की समस्या होती है।
- यह जीवन भर चलने वाली स्थिति है, पर सही उपचार, और जीवनशैली-सुधार और चिकित्सकीय देखभाल से नियंत्रित किया जा सकता है।
२) नार्कोलेप्सी के क्या कारण होते है?
नार्कोलेप्सी का सटीक कारण अभी भी खोज का विषय हैं, पर मुख्य रूप से यह निम्नलिखित कारकों से जुड़ी हुई है-
1. क्या यह जीवाणु , विषाणु , कवक से होती है?
नहीं, - नार्कोलेप्सी सीधे तौर पर किसी ज्ञात जीवाणु, विषाणु, या कवक संक्रमण के कारण से नहीं होती है।
ऑटोइम्यून प्रतिक्रिया को प्रमुख कारण माना जाता है। यह माना जाता है, कि शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से मस्तिष्क में उन कोशिकाओं को नष्ट कर देती है. जो हाइपोक्रेटिन (जिसे ओरएक्सिन भी कहते हैं) नामक न्यूरोकेमिकल का उत्पादन करती हैं।
- हाइपोक्रेटिन महत्वपूर्ण हार्मोन है, जो जागने और REM नींद को नियंत्रित करता है।
2. क्या यह जीवनशैली से जुड़ी है (जैसे: मोटापा, खान-पान)?
नार्कोलेप्सी सीधे तौर पर जीवनशैली से जुड़ी बीमारी नहीं है, जैसे कि - मोटापा या खराब खान-पान से होती है।
- खराब जीवनशैली जैसे ::- अनियमित नींद का समय और अत्यधिक तनाव नार्कोलेप्सी के लक्षणों को बढ़ा सकते हैं या उन्हें और भी बदतर बना सकते हैं।
- मोटापा नार्कोलेप्सी का कारण नहीं है, पर नार्कोलेप्सी से पीड़ित कुछ लोगों में मोटापे का खतरा बढ़ सकता है, क्योंकि उन की ऊर्जा का स्तर कम हो जाता है और वे शारीरिक रूप से कम सक्रिय होते हैं।
3. क्या यह आनुवंशिक है?
हाँ, आनुवंशिक कारक इसमें एक भूमिका निभाते हैं।
३) नार्कोलेप्सी के क्या लक्षण होते है?
नार्कोलेप्सी के लक्षण निचे बताये अनुसार हैं,
- बहुत ही ज्यादा दिन में नींद का आना
- दिमागी थकान
- ध्यान और याददाश्त में कमी का हो जाना
- चिड़चिड़ापन जैसा लगना
- पढ़ाई या कोई भी काम को करने में भी मन सही से नहीं लगना
- रात में भी सही से नींद का नहीं आना
४) नार्कोलेप्सी को मैनेज करने के लिए उपयोगी टिप्स है?
- अपने नियमित नींद का शेड्यूल बनाएं।
- मोबाइल और टीवी से दूरी बनाएँ रखे.
- ज्याद चाय और कॉफी का सेवन नहीं करना चाहिए।
- नियमित व्यायाम कसरत करने से मन शांत होता है,और कोई भी तनाव भी नहीं होता है.
- ज्यादा कार्बोहाइड्रेट भोजन आप को सुस्त बनाता है, इसलिए हल्का भोजन करना बेहतर है।