vajan badhna or vajan kam ho jana kya hota hai
१) वजन बढ़ना और वजन कम होना क्या है?
हमारा शरीर एक मशीन की तरह है जिसे चलाने के लिए ईंधन (कैलोरी) की जरूरत होती है।
- Weight Gain (वजन बढ़ना) :: जब हम शरीर की जरूरत से ज्यादा कैलोरी का सेवन करते हैं, और उन्हें शारीरिक गतिविधियों के जरिए (Burn) नहीं कर पाते, तो वह अतिरिक्त ऊर्जा शरीर में 'वसा' (Fat) के रूप में जमा होने लगती है।
- Weight Loss (वजन कम होना) :: जब शरीर को उसकी जरूरत के हिसाब से पर्याप्त कैलोरी नहीं मिलती है , या शरीर बहुत अधिक कैलोरी खर्च करने लगता है, तो वह ऊर्जा के लिए संचित वसा और मांसपेशियों का उपयोग करने लगता है, जिससे वजन कम हो जाता है।
२) यह कैसे होता है?
वजन का प्रबंधन मुख्य रूप से बेसल मेटाबॉलिक रेट (BMR) और शारीरिक सक्रियता पर निर्भर करता है।
- सकारात्मक ऊर्जा संतुलन :: खाना > व्यायाम = वजन बढ़ना।
- नकारात्मक ऊर्जा संतुलन :: खाना < व्यायाम = वजन कम होना।
शरीर में मौजूद हार्मोन्स (जैसे इंसुलिन, लेप्टिन और घ्रेलिन) हमारे दिमाग को भूख और संतुष्टि के संकेत भेजते हैं। जब इन हार्मोन्स का संतुलन बिगड़ता है, तो व्यक्ति को या तो बहुत अधिक भूख लगती है या तो,भूख बिलकुल खत्म हो जाती है।
३) वजन असंतुलन के कारण ?
वजन के बढ़ने या घटने के पीछे केवल खान-पान ही नहीं, बल्कि कई चिकित्सीय (Medical) कारण भी होते हैं, जैसे की,
- अत्यधिक वजन बढ़ने (Obesity) के कारण :: • जेनेटिक्स :: परिवार में मोटापे का इतिहास होना।
• हार्मोनल असंतुलन :: जैसे 'हाइपोथायरायडिज्म' या महिलाओं में 'PCOS/PCOD'।
• खराब जीवनशैली :: जंक फूड का अधिक सेवन और व्यायाम की कमी।
• तनाव और नींद की कमी :: तनाव में 'कोर्टिसोल' हार्मोन बढ़ता है, जो पेट की चर्बी बढ़ाता है।
• दवाएं :: स्टेरॉयड या अवसाद रोधी दवाओं के कारण भी वजन बढ़ सकता है।
- अचानक वजन कम होने (Unexplained Weight Loss) के कारण :: • हाइपरथायरायडिज्म :: थायराइड ग्रंथि का अति सक्रिय होना।
• डायबिटीज :: शरीर शुगर का उपयोग ऊर्जा के लिए नहीं कर पाता और मांसपेशियों को जलाने लगता है।
• पाचन संबंधी रोग :: जैसे 'सीलिएक रोग' जहाँ शरीर पोषक तत्वों को सोख नहीं पाता।
• कैंसर या टीबी :: ये बीमारियां शरीर की ऊर्जा को तेजी से खत्म करती हैं।
• डिप्रेशन :: मानसिक तनाव के कारण भूख का मर जाना।
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४) वजन बढ़ना के लक्षण?
वजन का बढ़ना या घटना खुद में एक लक्षण है, लेकिन इसके साथ जुड़े अन्य संकेत महत्वपूर्ण हैं:
मोटापे के लक्षण:
- सांस का फूलना (विशेषकर चलते समय)।
- जोड़ों और पीठ में लगातार दर्द रहना।
- बहुत अधिक पसीना आना।
- खर्राटे लेना (Sleep Apnea)।
अत्यधिक वजन कम होने के लक्षण ::
- हर समय थकान और कमजोरी महसूस होना।
- चेहरे की चमक खो जाना और गालों का पिचकना।
- बार-बार बीमार पड़ना (कमजोर इम्यूनिटी)।
- चक्कर आना या बेहोशी महसूस होना।
५) रोकथाम और प्रबंधन?
चाहे वजन बढ़ाना हो या घटाना, 'संतुलन' ही सफलता की कुंजी है।
- कैलोरी ट्रैकिंग :: अपनी जरूरत के हिसाब से कैलोरी का सेवन करें। वजन घटाने के लिए 'कैलोरी डेफिसिट' और बढ़ाने के लिए 'कैलोरी सरप्लस' डाइट लें।
- प्रोटीन का महत्व :: मांसपेशियों के निर्माण के लिए प्रोटीन अनिवार्य है। यह वजन घटाने में भूख को नियंत्रित करता है और वजन बढ़ाने में हेल्दी मास जोड़ता है।
- नियमित व्यायाम :: कार्डियो (जैसे दौड़ना) वजन घटाने के लिए और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग (वेट लिफ्टिंग) वजन और मसल्स बढ़ाने के लिए बेहतरीन है।
- पर्याप्त नींद :: रोजाना 7-8 घंटे की नींद हार्मोन्स को संतुलित रखने के लिए जरूरी है।
- चिकित्सीय परामर्श :: यदि आपका वजन बिना किसी प्रयास के अचानक 5-6 किलो कम या ज्यादा हो गया है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और ब्लड टेस्ट (CBC, Thyroid, Sugar) करवाएं।
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