chronic bronchitis kya hai or kyu hota hai?
क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस क्या है?
क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस फेफड़ों से जुड़ी एक लंबे समय तक चलने वाली बीमारी है। इसमें फेफड़ों की वायुनलिकाओं (Bronchial Tubes) में लगातार सूजन (Inflammation) बनी रहती है और बहुत अधिक मात्रा में बलगम (Mucus) बनने लगता है।
डॉक्टरी परिभाषा के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति को लगातार दो वर्षों तक हर साल कम से कम तीन महीने तक बलगम वाली खांसी रहती है, तो उसे क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस कहा जाता है। यह बीमारी अक्सर COPD (Chronic Obstructive Pulmonary Disease) का हिस्सा होती है।
क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस कैसे होता है?
हमारे फेफड़ों के अंदर मौजूद वायुनलिकाएं हवा को अंदर–बाहर ले जाने का काम करती हैं। जब कोई व्यक्ति लंबे समय तक हानिकारक चीजों जैसे धुआँ, धूल या प्रदूषण के संपर्क में रहता है, तो इन नलिकाओं की अंदरूनी परत में सूजन आ जाती है।
#लगातार जलन के कारण?
- वायुनलिकाएं मोटी हो जाती हैं
- ज्यादा बलगम बनने लगता है
- हवा का रास्ता संकरा हो जाता है
इस कारण सांस लेने में परेशानी होती है और खांसी लंबे समय तक बनी रहती है।
Follow The Brahm Homeopathy Health Channel On WhatsApp:
क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस होने के मुख्य कारण?
क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस अचानक नहीं होता, बल्कि यह धीरे–धीरे विकसित होने वाली बीमारी है। इसके प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं:
1. धूम्रपान (Smoking)
क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस का सबसे बड़ा कारण सिगरेट, बीड़ी या हुक्का पीना है। तंबाकू के धुएँ में मौजूद जहरीले रसायन फेफड़ों को लगातार नुकसान पहुँचाते हैं।
2. वायु प्रदूषण
- गाड़ियों का धुआँ
- फैक्ट्रियों से निकलने वाली गैसें
- कोयला या लकड़ी का धुआँ
लंबे समय तक प्रदूषित हवा में सांस लेने से यह बीमारी हो सकती है।
3. धूल और रसायनों के संपर्क में रहना
सीमेंट, कपड़ा, केमिकल फैक्ट्री या खदानों में काम करने वाले लोगों में इसका खतरा अधिक होता है।
4. बार-बार फेफड़ों का संक्रमण बचपन या वयस्क अवस्था में बार-बार होने वाले श्वसन संक्रमण फेफड़ों को कमजोर बना देते हैं।
5. कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली
जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, उनमें यह बीमारी जल्दी विकसित हो सकती है।
क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस के लक्षण?
इस बीमारी के लक्षण धीरे-धीरे बढ़ते हैं और समय के साथ गंभीर हो सकते हैं।
""प्रमुख लक्षण""
- लंबे समय तक चलने वाली खांसी
- खांसी के साथ गाढ़ा बलगम (सफेद, पीला या हरा)
- सांस फूलना, खासकर चलने या काम करने पर
- सीने में भारीपन या जकड़न
- थकान और कमजोरी
- बार-बार सर्दी-जुकाम या संक्रमण
- घरघराहट की आवाज (Wheezing)
#गंभीर अवस्था में:
- होंठ या उंगलियों का नीला पड़ना
- बहुत अधिक सांस की तकलीफ
- वजन कम होना
क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस का निदान?
डॉ. निम्न तरीकों से बीमारी की जांच करते हैं:
- मरीज का पूरा मेडिकल इतिहास
- छाती का एक्स-रे
- स्पाइरोमेट्री (फेफड़ों की क्षमता जांच)
- बलगम की जांच
निष्कर्ष
क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस एक गंभीर लेकिन नियंत्रित की जा सकने वाली बीमारी है।
- यदि इसके लक्षणों को नजरअंदाज किया जाए, तो यह आगे चलकर फेफड़ों को स्थायी नुकसान पहुँचा सकती है। समय पर पहचान, सही इलाज और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर व्यक्ति बेहतर जीवन जी सकता है।
Follow The Brahm Homeopathy Health Channel On WhatsApp: