Diabetes ka homeopathic me ilaaj
#Diabetes
डायबिटीज(मधुमेह) : यह जीवन भर रहने वाली बीमारी जिसे हम मधुमेह कहा जाता है. दीर्घकालिक रोग है, जो की तब होता है, जब शरीर पर्याप्त इंसुलिन नहीं बनाता, या जो इंसुलिन बनता है, उसे सही से उपयोग नहीं कर पाता है ।
- रक्त में ग्लूकोज़ का स्तर बढ़ जाना, जिसे हाइपरग्लाइसीमिया भी कहते है। यदि स्थिति को समय पर नियंत्रित न किया जाए, तो यह आंख, किडनी और अन्य अंगों को असर कर सकता है।
#१) डायबिटीज के प्रकार?
डायबिटीज के मुख्यतः ३ प्रकार के होते है.
- टाइप 1 डायबिटीज
शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली पैंक्रियास के इंसुलिन बनाने वाले कोशिका को खत्म कर देते है।
यह बीमारी आमतौर पर नन्हे बच्चों में पाई जाती है।
- टाइप 2 डायबिटीज
यह आम प्रकार है। जिसमे की शरीर इंसुलिन बनाता है, पर उपयोग सही से नहीं कर पाता है।
यह अधिकतर वयस्कों में और अब तो युवाओं और बच्चों में भी बढ़ रहा है।
- गर्भावधि मधुमेह
यह गर्भावस्था के समय में होता है। जन्म के बाद समाप्त हो जाता है, पर भविष्य में टाइप 2 डायबिटीज का खतरा हो सकता है।
२) डायबिटीज के कारण?
- मोटापा या अधिक वजन का हो जाना
- शारीरिक गतिविधि की कमी
- गलत खान-पान करने से भी
- परिवार में आनुवंशिक कारण से भी
- हाई ब्लड प्रेशर और हाई कोलेस्ट्रॉल
- उम्र का बढ़ जाना
- कुछ दवाओं का बार बार उपयोग होने से साइड इफेक्ट
३ ) डायबिटीज के लक्षण क्या है?
- बार-बार मूत्र का आना
- ज्यादा प्यास का लगना
- ज्यादा भूख लगना
- थकान और कमजोरी जैसा होना
- घाव या चोट का धीरे-धीरे भरना
- त्वचा में खुजली या संक्रमण का होना
-वजन का कम हो जाना
- हाथ-पैर में सुन्नता
४) डायबिटीज का इलाज (Treatment)
अभी तक इसका कोई इलाज नहीं है, पर इसे नियंत्रित किया जा सकता है, ताकि जटिलताओं से बचा जा सके।
- इंसुलिन इंजेक्शन
- डायबिटीज की दवाइयाँ
- नियमित ब्लड शुगर की जांच करना
- संतुलित आहार : – फाइबर, सब्जियां, साबुत अनाज
- नियमित कसरत करना
- तनाव को कम करने के लिए ध्यान और मेडिटेशन करना
५) डायबिटीज से बचाव के उपाय?
- डेली संतुलित भोजन का उपयोग करना
- डेली कम से कम 30 मिनट कसरत करें
- वजन को नियंत्रित रखें
- ब्लड शुगर की समय समय पर जांच करते रहना चाहिए.
- धूम्रपान और शराब से दुरी रखे.
#डायबिटीज से होने वाली संभावित जटिलताएं?
- हृदय रोग और स्ट्रोक
- किडनी फेल्योर
- आंखों की रोशनी का कम होना या अंधापन जैसा लगना
- पैरों में घाव और संक्रमण
- त्वचा का संक्रमण