jet lag ka ilaaj in hindi
#जेट लैग (Jet Lag) : समय क्षेत्र बदलने से नींद की गड़बड़ी
आज के समय में हवाई यात्रा बहुत ही आम बात हो गई है। लोग तेजी से एक देश से दूसरे देश, तक की यात्रा कर रहे हैं। लेकिन जब आप एक ही दिन में कई टाइम ज़ोन पार करते हैं, तो शरीर की नींद-जागने की प्राकृतिक घड़ी बिगड़ जाती है। इसी असंतुलन को जेट लैग कहा जाता है।
- यह समस्या लंबी दूरी की यात्रा उड़ानों के बाद ही होती है, और यात्रियों को थकावट, नींद नही आना, दिन में नींद का आना, चिड़चिड़ापन और पाचन से जुड़ी समस्याओं हो जाती है।
१) जेट लैग के पीछे का कारण क्या है?
हमारे शरीर की प्राकृतिक घड़ी होती है, जिसे सर्कैडियन रिदम कहते हैं। यह 24 घंटे के चक्र पर होती है। और यह नियंत्रित करती है कि, हमें कब नींद आती है, कब भूख लगती है और शरीर का तापमान किस समय कैसा रहेगा।
- जब हम एक टाइम ज़ोन से दूसरे में जाते हैं, तो शरीर की यह घड़ी उस नए समय के हिसाब से तुरंत खुद को नहीं ढाल पाती है । इसी कारण नींद और ऊर्जा से जुड़ी समस्याएं होती हैं।
२) जेट लैग के सामान्य लक्षण क्या है?
जेट लैग के लक्षण व्यक्ति से व्यक्ति में अलग हो सकते हैं, लेकिन सामान्यतः इनमें शामिल हैं
:
- रात में नींद का न आना
- दिन के समय ज्यादा नींद का आना
- थकान और ऊर्जा की कमी लगना
- एकाग्रता में कमी हो जाना
- सिर में दर्द का होना
- अपच, पेट दर्द, भूख न लगना या समय से पहले भूख लगना
#इलाज नहीं, बल्कि प्रबंधन है समाधान
जेट लैग का कोई खास इलाज नहीं है, पर इसे रोका या कम किया जा सकता है।
- यात्रा से पहले की तैयारी : कुछ दिन पहले से ही अपने आप को सोने और जागने का समय गंतव्य केअनुसार धीरे-धीरे बदलना शुरू करें।
- सही समय पर नींद लें : नई जगह पर जाने के बाद जब दिन हो तब ही सोने से बचें और रात में ही नींद लेने की कोशिश करें।
- धूप और रोशनी का लाभ उठाएं:
सुबह और दिन के समय धूप में कुछ समय बिताना जरूरी है।
- कैफीन और शराब से दुरी रखना सही है।
- हाइड्रेटेड रहें : अपने आप को पर्याप्त पानी पीने से थकावट कम होती है और शरीर को नई परिस्थितियों में ढलने में मदद मिलती है।
-ज्यादा तले-भुने या भारी भोजन से परहेज करें, खासकर यात्रा के दिन।
*निष्कर्ष*
जेट लैग कोई गंभीर बीमारी नहीं है, बल्कि यह अस्थायी शारीरिक असंतुलन है, जो लंबे समय तक उड़ान भरने के बाद शरीर की घड़ी में हुए बदलाव के कारण होता है।
थोड़ी सावधानी और तैयारी से इसे कम किया जा सकता है और नई जगह पर जल्दी से अनुकूलित हुआ जा सकता है।
यदि आप बार-बार अंतरराष्ट्रीय यात्रा करते हैं, तो इन उपायों को अपनाकर आप जेट लैग को बहुत हद तक नियंत्रित कर सकते हैं और अपनी यात्रा का भरपूर आनंद ले सकते हैं।