multiple sclerosis treatment in homeopathic

१)मल्टीपल स्केलेरोसिस क्या है?
मल्टीपल स्केलेरोसिस तंत्रिका संबंधी विकार है। यह तंत्रिका कोशिका को घेरने वाले सुरक्षात्मक आवरण, जिसे मायलिन शीथ कहते है, उनको हानि पहुंचाता है।
- मायलिन तंत्रिका के संकेतों को तेज़ी से पहुंचाने में मदद करता है। जब MS होता है, तब प्रतिरक्षा प्रणाली इस मायलिन शीथ को सूजन और नुकसान पहुंचाना शुरू कर देती है।
- "मल्टीपल स्केलेरोसिस" नाम स्वयं रोग की प्रकृति को दर्शाता है:
- मल्टीपल का अर्थ है ,'कई' या 'अनेक', जो तंत्रिका तंत्र में क्षति के कई क्षेत्रों को संदर्भित करता है।
- स्केलेरोसिस का अर्थ है ,'निशान ऊतक ' या 'कठोर हो जाना ', जो क्षतिग्रस्त मायलिन के भाग पर बनने वाले सख्त, निशान दार क्षेत्रों को संदर्भित करता है, जिन्हें प्लेक या घाव कहा जाता है।
- इस तरह के घाव, मायलिन को नष्ट करने के कारण, मस्तिष्क और शरीर के अन्य भाग के बीच सामान्य तंत्रिका संचार में असर डालते हैं।
२) यह कैसे होता है?
मल्टीपल स्केलेरोसिस में प्रतिरक्षा प्रणाली का हमला मायलिन शीथ को नुक्सान पहुंचाता है. जिस से की तंत्रिका अक्षतंतु - जो की, तंत्रिका कोशिका के मुख्य भाग के
साथ संकेतों के संचरण में कमी आती है.
MS का सटीक कारण अभी तो पता नहीं है, पर शोध कर्ताओं का मानना है, कि यह कई कारकों का एक जटिल संयोजन है, जिनमें शामिल हैं: जैसे की,
*आनुवंशिक प्रवृत्ति* :: यदि परिवार में किसी को भी MS है, तो आप को यह होने का जोखिम थोड़ा अधिक होता है.
*पर्यावरणीय कारक* :: कुछ भौगोलिक क्षेत्रों में रहने वाले लोगों में MS अधिक आम है, खासकर के वे जो भूमध्य रेखा से दूर हैं।
- विटामिन- डी की कमी को एक संभावित जोखिम कारक माना गया है।
*स्व-प्रतिरक्षित प्रतिक्रिया* :: यह MS का मुख्य तंत्र है। किसी अज्ञात कारण से, टी-कोशिकाएं और अन्य प्रतिरक्षा कोशिकाएं केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में प्रवेश करती हैं। और मायलिन पर हमला करते हैं। यह हमला सूजन पैदा करता है, जो अंततः मायलिन को हानि कर देता है।
- जैसे-जैसे सूजन कम होती जाती है, तंत्रिका तंत्र कुछ हद तक ठीक होने की कोशिश कर सकता है ।
- यदि क्षति बहुत व्यापक है, तो स्थायी निशान ऊतक बन जाते हैं, जिससे अपरिवर्तनीय तंत्रिका क्षति और लगातार लक्षण हो सकते हैं।
३) मल्टीपल स्केलेरोसिस के क्या लक्षण हो सकते है?
MS अलग- लोगों में अलग तरीकों से हो सकता है। यह एक ऐसी स्थिति है, जिस के कई रूप होते हैं, और हल्के से लेकर गंभीर तक। लक्षणों की गंभीरता और अवधि इस बात पर निर्भर करती है कि मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के किन हिस्सों में क्षति हुई है और क्षति कितनी व्यापक है।

*लक्षणों में अक्सर शामिल होते हैं जैसे की,*
- थकान :: MS से जुड़ी थकान अक्सर इतनी गंभीर होती है कि यह दैनिक काम करने में असर डालती है।
- दृष्टि की समस्याएं :: आंख में दर्द का होना और आंशिक दृष्टि हानि एक सामान्य प्रारंभिक संकेत है।
- संतुलन और समन्वय में कठिनाई :: चलने में अस्थिरता और चक्कर का आना।
- सुन्नपन:: शरीर के अलग भाग में सुन्नपन जैसा लगना
- मांसपेशियों में ऐंठन और कमजोरी :: मांसपेशियों पर कण्ट्रोल को खोना।
यह ध्यान रखना भी जरुरी है कि, MS एक प्रगतिशील रोग हो सकता है, जिस का अर्थ है, कि समय के साथ लक्षण धीरे-धीरे बदतर होते जाते
- जीवन और प्रबंधन
MS अलग - अलग लोगों में अलग तरह से होता है। इसके लक्षण अप्रत्याशित हो सकते हैं. जिन में थकान लग जाना ,दृष्टि की समस्याएं , सुन्नपन या झुनझुनी , और संतुलन में कठिनाई शामिल हैं।
- MS को अक्सर रिलैप्सिंग-रेमिटिंग के रूप में वर्गीकृत किया जाता है, जहाँ लक्षणों का दौरा पड़ता है जिसके बाद रिकवरी की अवधि आती है।
- चिकित्सा विज्ञान ने इस रोग के प्रबंधन में महत्वपूर्ण प्रगति की है। रोग-संशोधित उपचार आज उपलब्ध हैं जो प्रतिरक्षा प्रणाली के हमले को दबाने, रिलैप्स की आवृत्ति को कम करने और रोग की प्रगति को धीमा करने में मदद करते हैं।
- इन उपचारों के साथ-साथ, पुनर्वास, जिस में फिजियोथेरेपी और व्यावसायिक चिकित्सा शामिल है, एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।