piliya kya hai | piliya ka homeopathy me ilaaj
१) पीलिया से बचाव और राहत के लिए क्या टिप्स है?
पीलिया ऐसी स्थिति है, जिस में की स्किन, और आंखें के रंग, या पेशाब पीले रंग के दिखाई देने लगते हैं।
- यह शरीर में बिलीरुबिन की मात्रा बढ़ने के कारण होता है।
- पीलिया किसी भी उम्र और किसी भी वर्ग में हो सकता है. यह कोई बीमारी नहीं है।, सही जानकारी और सावधानियों से पीलिया सही हो सकता है।
*निचे कुछ महत्वपूर्ण टिप्स दिए जा रहे हैं*
- पीलिया होने पर हमारे शरीर को पच सके ऐसे आसान और पोषक तत्व आहार की जरुरत होती है। और ज्यादा तली-भुनी, मसालेदार तेलीय चीजों से दुरी रखे.
-पीलिया में शरीर को पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। और नारियल पानी, गन्ने का जुश और नींबू पानी का शरबत पिने से शरीर को ऊर्जा मिलती है और विषाक्त पदार्थों को बाहर भी निकाल जाता है।
**ध्यान रखें ** गंदे पानी पिने से या खुले में रखे हुए पदार्थ से परहेज़ करें।
- पीलिया के समय में लिवर पहले से ही कमजोर हो जाता है , और शराब, और धूम्रपान लिवर को नुकसान कर सकते हैं।
- पीलिया होने पर शरीर को आराम की ज़रूरत होती है। और काम का बोझ और तनाव को कम करें। उचित मात्रा में नींद लें।
- पीलिया सबसे ज्यादा गंदे पानी पिने से और खुले में रखे हुए संक्रमित भोजन से फैलता है। इसलिए हमेशा से ही खाने-पीने की चीज़ों को ढककर रखें।
- ज्यादा भारी और जल्दी से पचने में मुश्किल चीज़ें के कारण से लिवर पर दबाव पड़ता हैं। इसलिए छोटे-छोटे समय पर हल्का भोजन करना अच्छा होता है।
**घरेलू उपायों का सहारा लें**
- गाजर का जूस, और नींबू पानी ,या गन्ने का रस से भी पीलिया में लाभकारी माने जाते हैं।
- हल्दी वाला दूध बहुत ही रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। पर किसी भी घरेलू उपाय को करने से पहले डॉ. के सलाह से ही लेना चाहिए.
- पीलिया को कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए। अगर लक्षण बने रहें या बढ़ जाएं तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श करें।
- पीलिया से बचने के लिए अपने शरीर और घर में साफ-सफाई का ध्यान रखना सबसे अहम है। और टीकाकरण ज़रूरी है।
- तनाव से भी असर होता है, और लिवर के कार्य करने की क्षमता कम हो जाती है। इसलिए पीलिया के समय पॉजिटिव सोच रखें,