kawasaki rog se bachne ke liye kya tip hai
१) कावासाकी रोग से बचाव और देखभाल के टिप्स?
यह रोग बच्चों में होने वाली बहुत ही दुर्लभ और गंभीर समस्या है। शरीर की रक्त वाहिकाओं में सूजन आ जाती है ,और यदि समय पर ध्यान न दिया जाए तो यह दिल की धमनियों को हानि भी पहुँचा सकता है।
- यह रोग खासक ५ साल से कम उम्र के बच्चों को असर करता है। इसका सही तरह से पूरा कारण अभी तक नहीं पता है, इसलिए रोकथाम और देखभाल पर ध्यान देना बहुत ज़रूरी है।
* यदि छोटे बच्चों में लगातार ५ दिन से भी अधिक समय तक तेज बुखार रहे, तो इसे सामान्य नही समझें और तुरंत ही डॉ.से सलाह ले।
- अपने बच्चों के होंठ या जीभ, और आँखें और हाथ-पाँव की स्थिति पर डेली रूप से ध्यान देना सही होता है.
* स्वच्छ वातावरण बनाएँ
बच्चों को हमेशा से ही साफ कपड़े को पहनाएँ, और उनका कमरा को डेली साफ़ करना सही होता है.
- बच्चों के खिलौनों और उनके मुँह में डेल गए खिलौनों को नियमित रूप से साफ करें।
* बच्चों के रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने के लिए संतुलित आहार देना बेहद ही आवश्यक है। उन्हें ताजे फल, हरी सब्ज़ियाँ, दूध और दालें दें।
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-अपने बच्चों को पुरे दिनभर में उचित पानी को पिलाएँ। और उसके साथ में ही नारियल का पानी, और ताजे फलों का जूस को पिलाना भी लाभकारी होता है।

* बच्चों को थकाने वाले खेल-कूद से दूर रखें। उन्हें सही आराम ,नींद का सही समय सुनिश्चित करें।
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सही नींद से बच्चों के शरीर की रिकवरी बहुत ही तेज़ होती है. और रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है।
*यदि बच्चे को पहले कावासाकी रोग से प्रभावित हो चुका है, तो डॉ. की सलाह के अनुसार समय-समय पर स्वास्थ्य की जाँच ज़रूर करवाएँ। खासतौर पर हृदय की जाँच कराना ज़रूरी है ,जिस से की दिल की धमनियों पर किसी भी तरह का असर है,तो समय रहते पता चल सके।
* बच्चों को खुश और तनाव मुक्त में रखें। जिस से की कोई भी तरह का असर उनके शरीर पर नहीं हो सकता है।
२) कावासाकी रोग के घरेलू देखभाल क्या है?
- अपने बच्चे का ध्यान देना बहुत ही ज़रूरी है। जिस से की हल्का और पौष्टिक भोजन दें, और साफ कपड़े को ही पहनाएँ।
- डॉ. के द्वारा दी गई दवाइ को समय पर ही दें और डॉ. से पूछे बिना दवा को बंद न करें।
- बच्चों को छोटे-छोटे व्यायाम की आदत डालें , जिस से की , रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने पर ध्यान दें.
-बच्चों को हमेशा से ही उबला हुआ पानी को ही पिलाएँ।और बाहर का खुला हुआ खाना बिल्कुल नही दें। यह संक्रमण का खतरा बढ़ाता है।