लीवर सिरोसिस को हम यकृत का सिरोसिस के नाम से भी जानते है ,यह गंभीर बीमारी है ,जिसमें लीवर की कोशिकाएं धीरे-धीरे खत्म होने लग जाती है और उनकी जगह कठोर ऊतक बनने लग जाते है।
- यह स्थिति लीवर के कार्यों में बाधा करती है,अगर उचित समय पर उपचार न हो, तो यह बीमारी जानलेवा भी साबित हो सकती है।
२) लीवर सिरोसिस होने के क्या कारण है ?
लीवर सिरोसिस कई कारणों से हो सकता है, जो की निचे बताये गए अनुसार है,
- ज्यादा शराब सेवन : – अधिक समय तक शराब पीने से लीवर की कोशिकाएं खत्म हो जाती है।
- वायरल संक्रमण होने से लीवर को नुकसान पहुँचाते हैं।
- नॉन-ऐल्कोहोलिक फैटी लिवर डिजीज : – मोटापा, मधुमेय और उच्च कोलेस्ट्रॉल जैसे कारणों से लीवर में चर्बी जमने लग जाती है।
- जेनेटिक रोग:- अगर पारिवारिक में कोई को भी यह बीमारी है , तो इसके बढ़ने के खतरा ज्यादा है।
३) लीवर सिरोसिस होने के क्या लक्षण होते है?
लीवर सिरोसिस होने के लक्षण निचे बताया है ,जैसे की , - लगातार थकान लगना
- भूख में कमी का होना
- पेट फूलना या दर्द का होना
- आंखों का पीला हो जाना
- पैरों में सूजन का आना
- उल्टी या मल में से खून का आना
- मानसिक भ्रम होना
४) लीवर सिरोसिस का सही इलाज क्या है?
लीवर सिरोसिस का कोई पूरी तरह से इलाज नहीं है, पर सही उपचार और जीवनशैली में बदलाव करके इसे कम किया जा सकता है।
1. शराब से परहेज :- शराब से दूरी बनाना बहुत ही जरूरी है।
- वायरल हेपेटाइटिस का इलाज :- सिरोसिस हेपेटाइटिस B या C के कारण है तो एंटीवायरल दवाइयों का कोर्स दिया जाता है।
2 . पोषण और आहार
लीवर सिरोसिस वाले पेशेंट को खास डाइट प्लान का उपयोग करना चाहिए। - प्रोटीन :- कम मात्रा में उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन लेना चाहिए। जैसे की अंडा, दाल, पनीर । - नमक : कम मात्रा में लें
- शराब और वसायुक्त खाद्य पदार्थों से दुरी रखना ।
3 . जीवनशैली में बदलाव करना - शरीर के वजन को कण्ट्रोल में रखने के लिए रोज कसरत करना अच्छा होता है - धूम्रपान या शराब से दूर रहें।
4 . लीवर सिरोसिस से उत्पन्न होने वाली समस्याएं
- (पेट में पानी भर जाना):
- यदि पेट की नसें फट जाएं तो एंडोस्कोपी के द्वारा इलाज होता है।