
१) इसोफैगाइटिस क्या है?
इसोफैगाइटिस ऐसी स्थिति है जिसमें अन्ननलिका की भीतरी परत में सूजन आ जाती है। यह सूजन अम्लीय रिफ्लक्स, एलर्जी, संक्रमण या कुछ दवाओं के कारण हो सकती है।
- यदि यह समस्या लंबे समय तक बनी रहती है, तो यह इसोफेगस की दीवार को नुकसान पहुंचा सकती है और अल्सर या स्ट्रिक्चर (सिकुड़न) का कारण बन सकती है।
#इसोफैगाइटिस के प्रकार
- रेफ्लक्स इसोफैगाइटिस : यह तब होता है जब पेट का एसिड बार-बार अन्ननलिका में वापस आ जाता है (GERD)। इससे म्यूकोसा में जलन होती है।
- ईओसिनोफिलिक इसोफैगाइटिस : यह एक प्रकार की एलर्जी संबंधी प्रतिक्रिया है, जो विशेष खाद्य पदार्थों के प्रति संवेदनशीलता के कारण से होती है।
- दवा प्रेरित इसोफैगाइटिस : कुछ दवाएं जैसे एंटीबायोटिक्स, पेनकिलर्स की गोलियां इसोफेगस की परत को नुकसान पहुंचा सकती हैं यदि वे लंबे समय तक अटक जाएं।
- संक्रमण से होने वाला इसोफैगाइटिस : यह वायरल, बैक्टीरियल या फंगल संक्रमण के कारण हो सकता है, विशेषकर कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों में।
२) इसोफैगाइटिस के कारण क्या है?
इसोफैगाइटिस के कारण निचे अनुसार हो सकते है , जैसे की,
- खट्टे फल, चॉकलेट, कैफीन या मसालेदार भोजन का ज्यादा सेवन करना
-धूम्रपान और शराब सबसे बडा कारण
- लंबे समय तक दवाओं का सेवन
- फूड एलर्जी
- इम्यून सिस्टम की कमजोरी से
३) इसोफैगाइटिस के लक्षण क्या है?
इसोफैगाइटिस के लक्षण निचे अनुसार होते है. जैसे की ,
- खाने में परेशानी का होना
- सीने में जलन रहना
- गले में खराश या जलन का होना
- मतली या उल्टी
४) इसोफैगाइटिस की जाँच कैसे होती है?
- एंडोस्कोपी : एक कैमरा युक्त ट्यूब के जरिये से इसोफेगस की आंतरिक परत को देखा जाता है।
- बायोप्सी : एंडोस्कोपी के दौरान ऊतक का सैंपल लेकर जांच की जाती है।
- pH मॉनिटरिंग टेस्ट : पेट का एसिड कितनी बार और कितनी देर तक इसोफेगस में आता है।
- ब्लड टेस्ट और एलर्जी टेस्ट
५) इसोफैगाइटिस का इलाज?
इलाज इस बात पर निर्भर करता है कि इसोफैगाइटिस किस कारण से हुआ है:
1. रेफ्लक्स इसोफैगाइटिस का इलाज
एसिड कम करने वाली दवाएं जैसे की ओमेप्राजोल, पैंटोप्राजोल
- एंटासिड और H2 ब्लॉकर
- डाइट में बदलाव : तैलीय, खट्टे, चॉकलेटी पदार्थों से दुरी
2. ईओसिनोफिलिक इसोफैगाइटिस
- एलर्जी वाले फूड से परहेज़ करना
- एलर्जी स्पेशलिस्ट डॉक्टर से परामर्श लेना
3. संक्रमण जनित इसोफैगाइटिस
-एंटीफंगल, एंटीवायरल या एंटीबायोटिक दवाएं
-इम्यून सिस्टम को मजबूत करने वाली चिकित्सा
4. दवा जनित इसोफैगाइटिस
- लेटकर दवा लेने से बचना चाहिए
#इसोफैगाइटिस के घरेलू और जीवनशैली के उपाय
- एक बार में ज्यादा न खाएं, भोजन को छोटे हिस्सों में खाएं
- तेज मसाले, खट्टे पदार्थ और कैफीन से दुरी बनाये रखना
- सोते समय अपना सिर ऊँचा रखें
- धूम्रपान और शराब का सेवन छोड़ें
-वजन को नियंत्रित रखें
- स्ट्रेस मैनेजमेंट करें