हमारे पाचन प्रणाली में कई महत्वपूर्ण भाग होते हैं, जिनमें से पैंक्रियाज एक है। पैंक्रियाटाइटिस पाचन एंजाइम और हार्मोन का निर्माण करता है. और गॉलब्लैडर एक छोटा थैलीनुमा अंग होता है, जो लिवर द्वारा बनाए गए पित्त रस को स्टोर करता है।
- गॉलस्टोन और पैंक्रियाटाइटिस दोनों ही अलग बीमारि हैं, लेकिन इनका संबंध गहरा होता है।
२) गॉलस्टोन क्या है?
गॉलस्टोन, जिसे हम पित्त की पथरी भी कहते है, ये छोटे-छोटे ठोस पत्थर होते हैं जो गॉलब्लैडर में बनते हैं।
- ये पथरियां कोलेस्ट्रॉल, पिगमेंट्स से मिल कर बने होते हैं। पर कभी ये पथरियां छोटी होती हैं और इसका कोई भी लक्षण नहीं दिखाई देता , पर जब ये बड़ी हो जाती है, बाइल डक्ट को ब्लॉक कर देता है , तो यह गंभीर समस्या बन सकती है।
३) पैंक्रियाटाइटिस क्या बीमारी है?
ये एकबहुत ही गंभीर बीमारी है जिस में की पैंक्रियाज में सूजन आ जाती है।इसके २ प्रकार है।
- तीव्र अग्न्याशयशोथ : ये तो अचानक से ही और बहुत ही तेज दर्द के साथ शुरू होता है.
- दीर्घकालिक अग्न्याशयशोथ : ये बीमारी तो लंबे समय तक चलती रहती है और धीरे-धीरे हमारे पैंक्रियाज को नुकसान कर सकती है।
४) गॉलस्टोन से पैंक्रियाटाइटिस कैसे होता है?
गॉलस्टोन, जब सामान्य बाइल डक्ट और पैनक्रियाटिक डक्ट में फंस जाता हैं, तब पित्त और पाचन एंजाइम के प्रवाह को भी रोकने लग जाते हैं। जिस से की एंजाइम्स वहीं सक्रिय हो जाता हैं जिस से सूजन और दर्द होता है इसी को ही गैलस्टोन पैंक्रियाटाइटिस कहते है.
५) गॉलस्टोन से पैंक्रियाटाइटिस होने के क्या लक्षण है?
गैलस्टोन से होने वाले पैंक्रियाटाइटिस के लक्षण निचे अनुसार हो सकते हैं, जैसे की , - ऊपरी पेट के बाग़ में तेज दर्द जो की पीठ तक फ़ैल सकता है।
- मतली और उल्टी
- बुखार
- पाचन की समस्या
- पेट का फूल जाना
- भूख में कमी हो जाना
#गॉलस्टोन से पैंक्रियाटाइटिस का क्या निदान#
गॉलस्टोन से पैंक्रियाटाइटिस का निदान करने के लिए डॉक्टर कुछ जांचें कर सकते हैं : जैसे की ,
- ब्लड टेस्ट : एंजाइम्स जैसे ऐमाइलेजऔर लाइपेस का लेवल का जांचा किया जाता है।
- अल्ट्रासाउंड से गॉल्स्टोन का पता करने के लिए
- CT स्कैन या MRI : पैंक्रियास की सूजन को देखने के लिए।