एक्यूट पैंक्रियास बहुत ही गंभीर और अचानक से होने वाली सूजन संबंधी की बीमारी है. जो की अग्न्याशय में होती है।
- अग्न्याशय मानव शरीर का मुख्य भाग होता है। जो की पेट के पीछे स्थित ग्रंथि है,
जिसका काम पाचन के लिए एंजाइम और ब्लड शुगर को कण्ट्रोल करने के लिए हार्मोन बनाता है।
- जब किसी कारण अग्न्याशय के पाचक एंजाइम समय से पहले ही एक्टिव हो जाते हैं, तो वे खुद ही अग्न्याशय के ऊतकों को पचाने लगते हैं।
2) एक्यूट पैंक्रियास बीमारी होने के कारण क्या हो सकते है?
1. पित्त की पथरी यह सबसे नार्मल कारण में से एक है। जो लगभग ४० से ४५% मामलों में एक्यूट पैंक्रियास का कारण होता है। - पित्त की पथरी छोटी और कठोर होती हैं, जो की पित्ताशय में बनती हैं। जब यह पथरी बाइल डक्ट में फंस जाते है, तो पाचक रस का प्रवाह रुक जाने , और एंजाइम वापस पैनक्रियास में जमा होकर सूजन कर देते है।
2. ज्यादा शराब का सेवन करना
- लंबे समय से ज्यादा शराब पिने से पैनक्रियास पर दबाव पड़ता है। और एंजाइम की समय से पहले ही एक्टिव और पैनक्रियास की कोशिका को नुकसान होता है.
3. उच्च ट्राइग्लिसराइड का लेवल - ज्यादा ट्राइग्लिसराइड फैटी एसिड में टूट कर पैंक्रियास को हानि कर सकते है.
4. चोट या सर्जरी पेट पर चोट लगने , और सड़क दुर्घटना , खेल के दौरान में चोट लगने , पैनक्रियास को हानि कर सकते है.
5. कुछ दवाएं दवाओं के साइड इफेक्ट से पैनक्रियास पर असर हो सकता है.
6. बैक्टीरियल या वायरल संक्रमण करने से
- वायरल संक्रमण के कारण से : मम्प्स , और कॉकसैकी वायरस से भी पैनक्रियास को असर होता है। - बैक्टीरियल संक्रमण के कारण से : कुछ बैक्टीरिया रक्त से पैनक्रियास में सूजन कर देते है।
7.अनुवांशिक कारण होने से - कुछ लोगों में जन्म से अनुवांशिक कारण होने से ही पैनक्रियास के एंजाइम से जुड़ी समस्याएं होती हैं,
8. कैल्शियम का ज्यादा स्तर
रक्त में कैल्शियम का लेवल बढ़ जाने से पैनक्रियास के अंदर एंजाइम समय से पहले ही एक्टिव हो जाते है.
9. ऑटोइम्यून पैनक्रियाटाइटिस
- यह शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली पैनक्रियास पर हमला कर देते है. - कैसे पता चलता है: रक्त टेस्ट में IgG4 का लेवल बढ़ा है, और स्टेरॉयड से इलाज होता है।
*निष्कर्ष*
एक्यूट पैंक्रियास होने के कई कारण हो सकता है, जिनमें सबसे मुख्य पित्त की पथरी , शराब का बहुत सेवन करना।
- अगर समय पर और सही इलाज से मरीज पूरी तरह अच्छा हो सकता हैं, पर देर होने पर यह जानलेवा भी है।