मानव शरीर का मुख्य भाग अग्न्याशय है. यह बहुत ही गंभीर बीमारी की स्थिति है, जिस में अग्न्याशय में सूजन हो जाती है।
- यह पाचक एंजाइम और इंसुलिन हार्मोन बनाता है। जब सूजन हो जाती है , तब एंजाइम समय से पहले ही एक्टिव हो जाते हैं, और पैंक्रियास की अपने ही कोशिका को हानि पहुँचाने लगते हैं।
- यह स्थिति **अचानक से हो सकती है,जिसे हम एक्यूट पैंक्रियास या ज्यादा लंबे समय होने वाली को क्रोनिक पैंक्रियास ** हो सकती है।
२) पैंक्रियाटाइटिस इलाज के क्या तरीके है?
पैंक्रियाटाइटिस के तीव्र पैंक्रियास केस में तो ,मरीज को अस्पताल में एडमिट करना जरुरी होता है। इसमें कुछ बातो का ध्यान रखा जाता है. जैसे की,
* दर्दी को कुछ समय तक खाना-पीना नहीं देते है, ताकि अग्न्याशय को आराम मिल सके।
* तीव्र पैंक्रियाटाइटिस में बहुत ही तेज दर्द होता है। इसके लिए डॉ. कुछ दर्द निवारक की दवा को देते है।
* शरीर में पानी की कमी को दूर करने और इलेक्ट्रोलाइट के असंतुलन को सही करने के लिए सही मात्रा में फ्लूइड्स को चढ़ाए जाते हैं।
* कुछ मामलों में तो वेंटिलेशन की जरुरत हो सकती है।
#आहार और पोषण में क्या जरुरी है?
* जब भी मरीज का सूजन और दर्द कम होने लग जाता है, तब धीरे-धीरे **तरल आहार** से शुरूआत किया जाता है।
* कम चर्बी और कार्बोहाइड्रेट वाले आहार को दिया जाता है।
* यदि मरीज सही से खाना नहीं खा पा रहा है तो **पैरेंट्रल न्यूट्रिशन** के द्वारा पोषण देते है।
३) दवाइयों के द्वारा क्या इलाज हो सकता है?
* दर्द को कण्ट्रोल करने के लिए ओपिऑयड की दवा दी जाती हैं।
* क्रॉनिक पैंक्रियास में पाचन एंजाइम की कमी हो जाने से **पैंक्रियाटिक एंजाइम सप्लीमेंट्स** को भी दिए जाते हैं।
* अगर संक्रमण का जोखिम कम हो तो एंटीबायोटिक्स को भी दिया जाता हैं।
#4. किन तरह के जाँच से पता किया जाता है?
* अगर पैंक्रियाटाइटिस का कारण पित्त की पथरी है, तो गॉलब्लैडर को निकालने के लिए सर्जरी किया जाता है।
* पित्त की नली में रुकावट को दूर करने के लिए एंडोस्कोपिक की प्रक्रिया को किया जाता है.
* कुछ गंभीर मामलों में पैंक्रियास के मृत ऊतक को निकालने के लिए भी सर्जरी करनी पड़ सकती है।
४) पैंक्रियाटाइटिस के लिए जीवनशैली में क्या सुधार जरुरी है?
* शराब तो बहुत ही बड़ा कारण है। इसको तो पूरी तरह से बंद ही करना जरुरी है.
* धूम्रपान करने से भी दूर रहना चाहिए
* ज्यादा मसालेदार खाना खाने से दुरी रखें
* अपने दैनिक जीवन में ताजे फल, और ताजे सब्जि का उपयोग करना सही होता है.
* वजन को कण्ट्रोल में रखने के लिये डेली कसरत जरुरी है।
५) पैंक्रियाटाइटिस के लिए क्या जटिलता हो सकती है?
अगर सही समय में ही इलाज न किया जाए तो पैंक्रियाटाइटिस से कई जटिलताएँ हो सकता हैं: जैसे की,