**परिचय:**
मानव शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली में **लिम्फ नोड्स** महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता हैं। छोटी-छोटी ग्रंथियाँ शरीर के अलग -अलग भाग में मौजूद रहती हैं.और संक्रमण और सूजन से शरीर की रक्षा करती हैं।
- जब **आंतों या पेट** में किसी प्रकार का संक्रमण या (सूजन) होता है, तो **मेसेंटरी** — यानी आंतों को पेट की दीवार से जोड़ने वाला भाग — में मौजूद लिम्फ नोड्स सूज जाते हैं। इस स्थिति को **मेसेंटेरिक लिम्फैडेनोपैथी ** कहा जाता है।
२) मेसेंटेरिक लिम्फ नोड्स बढ़ने के सामान्य कारण क्या है?
#(क)संक्रमण
- *वायरल गैस्ट्रोएंटेराइटिस* : बच्चों में इसका होना सबसे आम कारण में से एक है। इसमें दस्त, बुखार और उल्टी के साथ लिम्फ नोड्स का आकार बढ़ सकता है।
- *बैक्टीरियल इंफेक्शन**: (जैसे साल्मोनेला, यर्सिनिया आदि) भी आंत की अंदर की पर्त में सूजन पैदा करते हैं, जिससे लिम्फ नोड्स फूले हुए दिखाई देते हैं।
#(ख)सूजन से संबंधित रोग
*क्रोहन डिज़ीज़** और **अल्सरेटिव कोलाइटिस** जैसी सूजन संबंधी आंतों की बीमारियों में लिम्फ नोड्स का आकार बढ़ सकता है।
* **अपेंडिसाइटिस** के दौरान भी अपेंडिक्स के आसपास के मेसेंटेरिक लिम्फ नोड्स प्रभावित हो सकते हैं।
(ग) कैंसर संबंधी कारण
* जब शरीर में **कैंसर कोशिकाएँ फैलती हैं**, तो वे लिम्फ नोड्स में जाकर उन्हें बड़ा कर सकती हैं।
**लिम्फोमा** या **मेटास्टैटिक कैंसर** की स्थिति में भी इन नोड्स का असामान्य रूप से बढ़ना देखा जाता है।
३) मेसेंटेरिक लिम्फ नोड्स बढ़ने के क्या लक्षण होते है?
- मेसेंटेरिक लिम्फ नोड्स बढ़ने के दौरान निम्नलिखित लक्षण महसूस हो सकते हैं — जैसे की ,
* नाभि या पेट के मध्य भाग में तेज दर्द का होना **
* उल्टी का होना
*पेट में सूजन या भारीपन जैसा महसूस होना
* कभी-कभी भूख में कमी भी हो सकती है.
४)मेसेंटेरिक लिम्फ नोड्स की जांचें डॉक्टर कैसे करते है?
- डॉक्टर स्थिति का पता करने के लिए कुछ जाँच करवाने की सलाह देते हैं — जैसे की ,
- अल्ट्रासाउंड :: बच्चों में और वयस्कों दोनों में ही लिम्फ नोड्स के आकार और संख्या को देखने के लिए।
- CT Scan या MRI :: इनसे लिम्फ नोड्स की सटीक स्थिति, आकार और आसपास के भाग की स्थिति का पूरा जानकारी मिलता है।
- ब्लड टेस्ट:: संक्रमण, सूजन या किसी इम्यून डिसऑर्डर की पुष्टि के लिए किया जाता है।
- बायोप्सी :: अगर डॉक्टर को **टीबी** या **कैंसर** का संदेह हो, तो लिम्फ नोड से टिश्यू सैंपल लेकर माइक्रोस्कोपिक जांच की जाती है।
#कब डॉक्टर से संपर्क करें?
निम्न स्थितियों में तुरंत ही डॉक्टर की सलाह लेना ज़रूरी है — जैसे की ,
* पेट में **लगातार तेज दर्द** रहना या दर्द का बार-बार होना
* २ –३ दिनों से भी अधिक दिन में बुखार** बने रहना
*वजन का कम होना
*
**अल्ट्रासाउंड या सीटी स्कैन** में लिम्फ नोड्स का बड़ जाना