एलर्जिक अस्थमा ऐसी सांस की बीमारी है, जिस में किसी (एलर्जन) के संपर्क में आने पर फेफड़ों की नलियां सूज जाती हैं. और सिकुड़ जाती हैं। इस से सांस लेने में तकलीफ, घरघराहट, सीने में जकड़न, खांसी तथा सांस फूंलने जैसी समस्याएं होती हैं।
- नार्मल एलर्जन में धूल-मिट्टी, परागकण, पालतू जानवरों के बाल, धुआं तथा कुछ केमिकल शामिल हैं।
२) एलर्जिक अस्थमा के क्या -क्या लक्षण दिखाई देते है?
एलर्जिक अस्थमा के लक्षण निचे बताये अनुसार हो सकते है. जैसे की,
- बार बार सांस का फूल जाना।
- सीने में जकड़न या तो दर्द का होना।
- रात या सुबह में जल्दी खांसी।
- कोई भी एलर्जन के संपर्क में आने से ही लक्षण बढ़ जाना
३) एलर्जिक अस्थमा का इलाज?
एलर्जिक अस्थमा का इलाज पूरी तरह से खत्म करने के बजाय उसे कंट्रोल करने पर केंद्रित करना होता है। सही इलाज से दर्दी सामान्य जीवन भी जी सकता है।
#1. एलर्जन से बचाव
इलाज का पहला तथा सबसे जरूरी कदम है, एलर्जन से दूरी बनाये रखना ।
- घर में धूल नहीं रखें, तथा नियमित सफाई करें।
- बेडशीट तथा तकिए के कवर को गर्म पानी में अच्छे से धोएं।
- पालतू जानवरों को अपने बेडरूम से दूर ही रखें।
- धुएं तथा प्रदूषण से बचें।
- घर से बाहर निकलते समय मुँह पर मास्क का उपयोग करें।
# 2. Immunotherapy
- अगर एलर्जन की सही से पहचान हो जाए, तो immunotherapy अच्छा विकल्प हो सकता है।
- इसमें शरीर को धीरे धीरे से एलर्जन का आदी बनाया जाता है, जिस से एलर्जी की प्रतिक्रिया कम हो जाती है। यह इलाज लंबे समय तक असरदार हो सकता है।
#3 . घरेलू उपाय तथा लाइफस्टाइल का परिवर्तन
दवा के साथ साथ में कुछ घरेलू उपाय को भी मददगार होते हैं, जैसे की,
- भाप को लेना।
- गुनगुना पानी को पीना।
- योग तथा प्राणायाम।
- डॉ. की सलाह से नियमित कसरत करे।
#4. डाइट का रोल
कुछ फूड्स तो, सूजन कम करने में मदद करते हैं, जैसे की,