यह गंभीर कंडिशन है, जिस से पैंक्रियास में अचानक से सूजन आ जाती है। इस तरह के कंडिशन हल्की या कभी-कभी जानलेवा भी हो सकती है। यदि समय पर सही इलाज और सही देखभाल से ज़्यादातर मरीज़ पूरी तरह ठीक हो सकते हैं।
- पैंक्रियास मानव शरीर का ज़रूरी अंग है, जो के डाइजेस्टिव एंजाइम और इंसुलिन बनाता है।
- जब यह डाइजेस्टिव एंजाइम समय से पहले ही एक्टिवेट हो जाते हैं, तो पैंक्रियास को नुकसान पहुंचा सकते हैं, जिस से सूजन और दर्द हो सकता है।
२) एक्यूट पैंक्रियाटाइटिस के क्या मुख्य कारण देखने को मिलते है?
एक्यूट पैंक्रियाटाइटिस के मुख्य कारण निचे बताये अनुसार हो सकते है, जैसे की,
- गॉलस्टोन
- बहुत ही ज़्यादा मात्रा में शराब का पीना |
- हाई ट्राइग्लिसराइड का स्तर।
- कुछ दवाएं के सेवन से साइड इफेक्ट।
- किसी तरह का संक्रमण
३) एक्यूट पैंक्रियाटाइटिस का सही इलाज क्या है?
एक्यूट पैंक्रियाटाइटिस इलाज का मुख्य लक्ष्य हैं,
1. दर्द से आराम।
2. सूजन को कम करना
3. अंदरूनी कारण का इलाज करना
(१) अस्पताल में एडमिट होना
ज़्यादातर मामलों में, दर्दी को हॉस्पिटल में एडमिट किया जाता है, खासकर
- पेट में तेज़ दर्द का होना।
- उल्टी तथा डिहाइड्रेशन का होना।
- गंभीर मामलों में ICU के भी ज़रूरत पड़ सकती है।
(२) IV फ्लूइड्स
एक्यूट पैंक्रियाटाइटिस से बहुत तेज़ी से डिहाइड्रेशन होता है। इसलिए, दर्दी को रिंगर लैक्टेट इंट्रावीनसली को दिया जाता है।
- अंगों के रक्षा भी करता है।
पर शुरुआती २४- ४८ घंटे बहुत ही ज़रूरी होते हैं।
(३) दर्द का सही मैनेजमेंट
पेट में तेज़ दर्द बीमारी का बड़ा लक्षण है। इसके लिए,
- IV पेन रिलीवर।
- अगर ज़रूरत पड़ने पर डॉ, दर्दी की हालत के आधार पर दवा को चुनते हैं।
(४) कुछ समय तक खाना-पीना नहीं देते
- शुरुआती १-२ दिनों तक तो,दर्दी को पैंक्रियास में आराम देने के लिए कुछ भी खाने-पीने से रोका जा सकता है।
अगर दर्दी के हालत में सुधार होता है, तो पहले लिक्विड डाइट को दिया जाता है, फिर हल्का, कम फैट वाला खाना देते है।
- गंभीर मामलों में, नेज़ल ट्यूब के माध्यम से न्यूट्रिशन को दिया जाता है।
(५) गॉलस्टोन का इलाज
- अगर वजह गॉलस्टोन का हो तो,
#ERCP का प्रोसीजर
- शुरुआती ERCP का उपयोग बाइल डक्ट में फंसे स्टोन को निकालने के लिए करते है।
#सर्जरी
- आगे के प्रॉब्लम को रोकने के लिए गॉलब्लैडर को निकालने के लिए सर्जरी किया जाता है।
(६) शराब से बचें
- अगर बीमारी की वजह शराब है ,तो शराब को तुरंत ही छोड़ना ज़रूरी है,