अंडाशय महिला प्रजनन तंत्र का महत्वपूर्ण भाग है। हर महीने में ओवरी में अंडा बनता है, और हार्मोन स्रावित होते हैं। कभी-कभी ओवरी में तरल से भरी छोटी थैली बन जाती है, जिसे ओवरीयन सिस्ट कहते हैं।
- ज़्यादातर सिस्ट नार्मल अपने-आप ही ठीक होने वाली होती हैं, पर कुछ मामलों में दर्द, अनियमित पीरियड भी पैदा कर सकती हैं।
२) ओवरीयन सिस्ट क्या है?
ओवरी में बनने वाली तरल भरी थैली को ही ओवरीयन सिस्ट कहते है। एक या दोनों ओवरी में हो सकती है।
- अधिकांश सिस्ट सौम्य होती हैं. और १-३ महीनों में बिना इलाज के खत्म हो जाती हैं।
३) महिलाओं में ओवरीयन सिस्ट क्यों होता है?
#हार्मोनल का असंतुलन
- महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन तथा प्रोजेस्टेरोन का संतुलन बिगड़ने पर ओवरी में अंडाणु थैली ठीक से फट नहीं पाती है, जिस से सिस्ट बन जाती है।
* हार्मोनल बदलाव के कारण
- अनियमित पीरियड का
- तनाव जैसा लगना
- थायरॉयड की प्रॉब्लम
#फंक्शनल का सिस्ट (सबसे आम कारण )
मासिक चक्र के दौरान दो प्रकार की सिस्ट बन सकती हैं.
(१) फॉलिक्युलर सिस्ट :: जब अंडा बाहर नहीं निकलता है।
(२) कॉर्पस ल्यूटियम सिस्ट :: जब अंडा निकलने के बाद बनी संरचना में तरल भर जाता है.
ये प्रक्रिया का हिस्सा होती हैं. और अक्सर अपने-आप ही सही हो जाती हैं।
#पीसीओएस(PCOS)
PCOS एक हार्मोनल का विकार है, जिस में ओवरी में कई छोटी - छोटी सिस्ट बन जाती हैं।
इसके लक्षण निचे बताये निचे बताये अनुसार हो सकते है, जैसे की,
- अनियमित पीरियड
- वजन का बढ़ जाना
- मुंहासे का होना
- बांझपन के प्रॉब्लम
#एंडोमेट्रियोसिस
एंडोमेट्रियोसिस में गर्भाशय के अंदर के पर्त जैसी ऊतक ओवरी पर चिपक जाती है, जिस से “चॉकलेट सिस्ट” बन सकती है।
#उसके लक्षण#
- तेज पीरियड का दर्द।
- संभोग के समय ज्यादा दर्द का होना।
# गर्भावस्था
- गर्भावस्था के शुरुआती में कभी-कभी कॉर्पस ल्यूटियम सिस्ट बन सकती है। यह सामान्य होती है.
#संक्रमण
- गंभीर पेल्विक संक्रमण होने पर भी ओवरी और फेलोपियन ट्यूब में सिस्ट या तो एब्सेस बन सकता है। अगर समय पर सही से इलाज न होने पर जटिलता बढ़ सकती है।
# उम्र और जीवनशैली
- २० से ३५ वर्ष महिलाओं में अधिक होता है.
- मोटापा
- ज्यादा तनाव
३) ओवरीयन सिस्ट के क्या - क्या लक्षण दिखाई देते है?
कई बार तो,कोई लक्षण नहीं होते, है पर अगर लक्षण हों तो
- पेट के निचले वाले हिस्से में तेज दर्द का होना।
- अनियमित पीरियड।
- पेट का फूल जाना
- पेशाब का बार-बार आना
४) ओवरीयन सिस्ट की जांच कब करना चाहिए?
- पेल्विक अल्ट्रासाउंड सबसे आम।
- हार्मोन का जाँच
- कुछ जटिल मामलों में MRI
५) क्या ओवरीयन सिस्ट में कैंसर बन सकती है?
- ज़्यादातर सिस्ट गैर-कैंसर होती हैं। पर रजोनिवृत्ति के बाद अगर सिस्ट बनती है, तो सावधानी जरूरी है।
#इलाज कैसे होता है?
#ऑब्जर्वेशन
- छोटी तथा बिना लक्षण वाली सिस्ट में १- ३ महीने तक निगरानी की जाती है।
# दवा
- हार्मोनल के गोलियां
- दर्द निवारक के दवा
# सर्जरी
अगर सिस्ट बड़ी हो,तो, लगातार बढ़ रही हो तो लैप्रोस्कोपिक सर्जरी की जाती है।