- एसिड रिफ्लक्स, जिसे गैस्ट्रोइसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज(GERD) भी कहते है , यह पाचन की नार्मल समस्या है। जिस में पेट का एसिड भोजन नलीकी ओर वापस आ जाता है।
- यह स्थिति जलन, पेट में असुविधा तथा कभी-कभी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण भी बन सकता है।
२) एसिड रिफ्लक्स होने के क्या -क्या कारण दिखाई देते है?
- यह तब होता है जब ,लोअर इसोफेगल स्फिंक्टर, जो भोजन नली तथा पेट के बीच स्थित होता है, पूरी तरह से बंद नहीं होता है। इसके कारण पेट का एसिड नली में वापस आ जाता है। तथा जलन भी पैदा करता है।
- इसके मुख्य कारण निचे बताये अनुसार है,
1. अनियमित खान-पान :: बहुत ज्यादा मसालेदार तथा तैलीय , तला हुआ भोजन, ज्यादा कैफीन , शराब एसिड रिफ्लक्स को बढ़ाते हैं।
2. मोटापा :: पेट में ज्यादा चर्बी पेट पर दबाव डालती है, जिस से एसिड रिफ्लक्स का जोखिम बढ़ता है।
3. धूम्रपान LES को कमजोर कर देता है, जिस से एसिड रिफ्लक्स की संभावना बढ़ाता है।
4. गर्भावस्था :: गर्भ में बढ़ते हुए बच्चे के कारण से पेट पर दबाव बढ़ता है ,तथा एसिड नली में लौट सकता है।
३) एसिड रिफ्लक्स होने के क्या -क्या लक्षण होते है?
- एसिड रिफ्लक्स के लक्षण खाने के बाद या तो,रात को सोते समय दिखाई देते हैं। मुख्य लक्षण हैं,
- सीने में जलन :: सबसे नार्मल लक्षण,है, जो के पेट से सीने की ओर उठती है।
- खट्टी डकार :: खाने के बाद में खट्टी डकार आती है।
- गले में खराश या तो, दर्द :: गले की म्यूकोसा को नुकसान पहुंचा सकता है।
- सांस लेने में परेशानी :: कभी-कभी एसिड फेफड़ों की ओर चला जाता है, तथा खाँसी या तो,अस्थमा जैसी समस्या हो सकती है.
- भूख कम होना तथा उल्टी :: खाना निगलना भी मुश्किल हो सकता है।
४) एसिड रिफ्लक्स का घरेलू क्या इलाज है?
मध्यम एसिड रिफ्लक्स के मामलों में घरेलू को कर सकते है,
1. खान-पान में परिवर्तन
- छोटे - छोटे हिस्से में खाना को खाएं।
- तैलीय, मसालेदार तथा तेज़ खाने से बचें।
- कॉफी तथा शराब का सेवन कम करें।
2. सोने का तरीका
- सोते समय अपना सिर ,छाती को थोड़ा - सा ऊँचा रखें।
- भोजन के तुरंत बाद में सोने से बचें।
3. वजन को नियंत्रित रखें
- नियमित संतुलित आहार से पेट पर दबाव कम ,होगा।
4. धूम्रपान और शराब से बचें
- यह दोनों LES को कमजोर करते हैं , जिस से के एसिड रिफ्लक्स बढ़ाते हैं।
5. घरेलू राहत देने वाले उपाय
- अदरक :: अदरक डालकर चाय पीने से पेट की सूजन कम होती है।