एंटरोकोलाइटिस गंभीर गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल की समस्या है ,जिसमें आंतों की सूजन हो जाती है। यह बड़ी आंत ,और छोटी आंत दोनों को असर करती है।
- यह स्थिति खासकर नवजात शिशुओं और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले मरीजों में ज्यादा देखने को मिल जाती है।
- इसका सही समय पर इलाज न होने पर यह जानलेवा भी हो सकती है।
२) एंटरोकोलाइटिस के क्या लक्षण होते है ?
एंटरोकोलाइटिस के लक्षण निचे बताया है ,
- पेट में सूजन या दर्द का होना
- कभी-कभी खून के साथ दस्त लगना
- बुखार - उल्टी
-पेट में गैस बनना
३) एंटरोकोलाइटिस के मुख्य कितने प्रकार होते है?
- नेक्रोटाइज़िंग एंटरोकोलाइटिस – यह शिशुओं में पाई जाने वाली स्थिति है जिसमें आंतों के ऊतक मरने लग जाते हैं।
- क्लोस्ट्रीडियम डिफिसाइल एंटरोकोलाइटिस – यह संक्रमण एक बैक्टीरिया के कारण होता है - इंफेक्शियस एंटरोकोलाइटिस – यह वायरस, बैक्टीरिया या परजीवियों के कारण होती है,
४) एंटरोकोलाइटिस के क्या कारण होते है ?
एंटरोकोलाइटिस के कारण निचे बताया है ,
- वायरस : नोरोवायरस, रोटावायरस, और एडेनोवायरस जैसे वायरस एंटरोकोलाइटिस का कारण बनते है. - परजीवी : जियार्डिया और क्रिप्टोस्पोरिडियम जैसे परजीवी एंटरोकोलाइटिस का कारण बन सकते हैं। - गैर-संक्रामक कारण :
सूजन आंत्र रोग
क्रोहन रोग और अल्सरेटिव कोलाइटिस जैसी स्थितियां बनती है। - कुछ दवाओं के दुष्प्रभाव से भी एंटरोकोलाइटिस हो सकता है। - इस्केमिया : आंतों में रक्त के प्रवाह में कमी एंटरोकोलाइटिस का कारण बन सकती है.
- सीलिएक रोग: आंतों की सूजन का कारण बन सकती है. - कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली:
कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों को एंटरोकोलाइटिस होने का खतरा अधिक होता है.
५) एंटरोकोलाइटिस का निदान क्या है ?
एंटरोकोलाइटिस के निदान के लिए उपयोग किए जाने वाले जाँच
- शारीरिक परीक्षण : डॉक्टर पेट में सूजन, कोमलता और अन्य संभावित लक्षणों की जांच करते हैं। - रक्त का परीक्षण : रक्त परीक्षण से सूजन के अन्य लक्षणों की जांच की जाती है।
- इमेजिंग परीक्षण : पेट का एक्स-रे, सीटी स्कैन या एमआरआई स्कैन आंतों में सूजन, को देखने में मदद कर सकते हैं।