एपिडिडिमल सिस्ट एक छोटा, मुलायम, तरल से भरा थैला है, जो की एपिडिडिमिस के अंदर ही बनता है।
- यह गोल के आकार में होता है, जो की अंडकोष की सतह पर महसूस किया जाता है।
- जब इस सिस्ट में शुक्राणु मौजूद रहते हैं तो इसे स्पर्माटोसील भी कहा जाता है।
२) एपिडिडिमल सिस्ट होने के कारण क्या होते है?
एपिडिडिमल सिस्ट होने के कारण निचे अनुसार हो सकते है. ,जैसे की,
-एपिडिडिमिस नलियों में ब्लॉकेज :– शुक्राणु और तरल का सामान्य प्रवाह रुक जाने से थैली जैसी संरचना बनती है.
- शरीर में हार्मोनल का परिवर्तन होने से भी इस सिस्ट के बनने में रोल अदा करते है।
- कभी-कभी चोट या संक्रमण के बाद में भी यह समस्या देखने को मिलती है.
- यह समस्या 40 वर्ष से ज्यादा उम्र के पुरुषों में देखने को मिलता है.|
३) एपिडिडिमल सिस्ट होने के क्या लक्षण होते है?
एपिडिडिमल सिस्ट होने के लक्षण निचे बताये गए अनुसार हो सकते है. जैसे की,
- अंडकोष में गांठ का होना या तो सूजन जैसा हो जाना
-
अंडकोष में भारीपन जैसा लगना
- कभी-कभी हल्का दर्द का होना
- बड़े सिस्ट हो जाने पर चलने, और दौड़ने में परेशानी।
४) एपिडिडिमल सिस्ट का निदान कैसे किया जाता है?
एपिडिडिमल सिस्ट का निदान करने के लिए डॉक्टर कुछ जाँच का सहारा लेते है. - फिजिकल एग्जामिनेशन : – डॉ. अंडकोष को छू कर ही गांठ को समझते हैं।
- अल्ट्रासाउंड टेस्ट करने से पता चलता है, कि गांठ ठोस है या तरल से भरी हुई।
- यदि संक्रमण का संदेह हो तो मूत्र और रक्त की भी जांच की जाती है।
#घरेलू और सहायक उपाय?
- गर्म किये हुए पानी से सिकाई करने से दर्द और सूजन में बहुतु ही आराम होता है.
- नियमित स्वयं की जांच करना। जिस से की किसी नए बदलाव का पता चल सके।
- ज्यादा दर्द या तेजी से आकार बढ़ने की स्थिति में डॉक्टर से मिलना चाहिए
५) एपिडिडिमल सिस्ट की क्या जटिलताएँ होती है?
एपिडिडिमल सिस्ट की जटिलताएँ निचे अनुसार होती है. जैसे की,
- संक्रमण के कारण से सिर में तेज दर्द का होना और बुखार जैसा लगना ।
- बहुत बड़ा सिस्ट हो जाने पर अंडकोष पर दबाव पड़ने पर असहजता होती है.
- कुछ दुर्लभ मामलों में प्रजनन क्षमता पर भी असर होता है.