१) गैस्ट्रोएंटेराइटिस क्या है? इसका सही इलाज क्या है?
गैस्ट्रोएंटेराइटिस आम पर परेशान करने वाली बीमारी है, जिस में पेट तथा आंतों में सूजन हो जाती है। इसे पेट का इन्फेक्शन भी कहते है।
- यह बीमारी वायरस, बैक्टीरिया, ख़राब भोजन ,पानी के कारण से होती है। इस स्थिति में व्यक्ति को दस्त , उल्टी, पेट में दर्द, बुखार,जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
- सही समय पर इलाज तथा देखभाल से कुछ दिनों में ठीक हो जाती है।
२) गैस्ट्रोएंटेराइटिस होने के क्या मुख्य कारण होते है?
- गैस्ट्रोएंटेराइटिस कई कारण से हो सकता है, जैसे की,
1. वायरल वाले संक्रमण :: जैसे की,नोरोवायरस तथा रोटावायरस।
2. बैक्टीरियल संक्रमण ::जैसे की, साल्मोनेला।
3. ख़राब भोजन के सेवन से
4. खराब स्वच्छता से
5. यह बीमारी संक्रमित भोजन, किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से भी फैलती है।
३) गैस्ट्रोएंटेराइटिस होने के क्या लक्षण हो सकते है?
- गैस्ट्रोएंटेराइटिस के लक्षण अचानक से ही शुरू हो सकते हैं. 1 से 2 दिनों तक रह सकते हैं।
- बार-बार दस्त का लगना।
- पेट में मरोड़ का होना
- तेज बुखार का आना
- कमजोरी तथा थकान जैसा लगना
- भूख भी कम लगना
मरीज को बार-बार से उल्टी , दस्त हो रहे हों, तो शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स कमी होने का खतरा बढ़ जाता है।
४) गैस्ट्रोएंटेराइटिस का इलाज?
#1. उचित तरल पदार्थ को लेना
- इस बीमारी से शरीर में पानी की कमी को पूरा करना है। पेशेंट्स को बार-बार से तरल पदार्थ दिए जाने चाहिए जैसे: की,
- ORS , नारियल पानी, सादा पानी।
#2. हल्का तथा सुपाच्य भोजन
- पेट को आराम देने के लिए हल्का भोजन ही करना चाहिए, जैसे: की,
- खिचड़ी, दलिया, दही, टोस्ट या ब्रेड
# 3. पर्याप्त आराम करना
- बीमारी के दौरान शरीर को आराम देना जरुरी है.इसलिए मरीज को नींद लेनी चाहिए।
#4. दवा का उपयोग
डॉ. मरीज के स्थिति को देखकर ही कुछ दवा दे सकते हैं, जैसे: की,
- उल्टी को रोकने की दवा.
- दस्त को कण्ट्रोल करने की दवा.
५) कब डॉ. से संपर्क करना चाहिए?
- निचे अनुसार लक्षण दिखाई दे तो, तुरंत डॉ. से संपर्क करना चाहिए: