१) Hemorrhagic Cyst का इलाज तथा डाइट प्लान?
- Hemorrhagic cyst एक तरह के ओवेरियन सिस्ट होता है, जिस में सिस्ट के अंदर खून भर जाते है। महिलाओं के अंडाशय में बनने वाला फंक्शनल सिस्ट होता है।
- कुछ मामलों में अपने-आप ठीक भी हो जाता है, पर अगर दर्द, सूजन बढ़ जाएँ तो इलाज की जरूरत होती है।
२) Hemorrhagic Cyst क्या है?
- Hemorrhagic Ovarian Cyst जब ओवरी में बनने वाला नार्मल सिस्ट अंदर से फट जाता है, उसमें खून भर जाता है। अधिकतर प्रजनन आयु के महिलाओं में देखा जाता है।
३) Hemorrhagic Cyst के क्या-क्या लक्षण दिखाई देते है?
- हर महिला में लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं। सामान्य लक्षण इस तरह से है,
- पेट के निचे वाले भाग में दर्द का होना
- अचानक से तेज ऐंठन होना
- मासिक धर्म में अनियमित होना
- पेट में भारीपन जैसा लगना
- सैक्स के दौरान ज्यादा दर्द का होना
अगर सिस्ट बड़ा हो जाए या तो, फट जाए तो गंभीर दर्द तथा आंतरिक रक्तस्राव हो सकता है। इस स्थिति में डॉ. से संपर्क करना जरूरी है।
४) Hemorrhagic Cyst का सही इलाज क्या है?
#1. निगरानी
- छोटे सिस्ट 6 से 8 हफ्तों में ठीक हो जाते हैं। डॉ. अल्ट्रासाउंड के जरिये से निगरानी करते हैं।
#2. दर्द कण्ट्रोल
- डॉ.दर्द कम करने के लिए दर्द निवारक के दवाइयाँ दे सकते हैं, सूजन कम करने में भी मदद करती हैं।
#3.ऑपरेशन
- अगर सिस्ट बड़ा हो जाए, तो, बार-बार फटने का जोखिम हो तो सर्जरी की जरूरत हो सकती है। सामान्यतः laparoscopy के जरिये से सिस्ट को हटाया जाता है।
५) Hemorrhagic Cyst के लिए सही डाइट प्लान क्या है?
- सही डाइट से हार्मोन संतुलन , सूजन कम करने में मदद करती है।
#1. आयरन वाले खाद्य पदार्थ
- पालक , चुकंदर, अनार, गुड़ , हरी पत्तेदार सब्जि
#2. फाइबर फ़ूड
- फाइबर हार्मोन के संतुलन को बनाए रखने में ज्यादा मदद करता है।
- ब्राउन राइस, साबुत अनाज, फल
#3. प्रोटीन से मिलने वाला
- दाल, पनीर, अंडे, सोया, दही
६) Hemorrhagic cyst में किन चीजों से बचें?
- बहुत ज्यादा चीनी
- ज्यादा जंक फूड का सेवन
- ज्यादा मसालेदार खाना
- ज्यादा चाय, कॉफ़ी।
- शराब तथा ध्रूमपान
#जीवनशैली में परिवर्तन
- डाइट के साथ में जीवनशैली में सुधार भी जरूरी हैं।
#1 . नियमित एक्सरसाइज करने से हार्मोन संतुलन में मदद करते हैं।
#2. तनाव को कम करें। तथा सुबह टहलना।
#3. पर्याप्त नींद को ले. शरीर के हार्मोन को संतुलित रखने में मदद करती है।
#4. पेट दर्द या तो, अनियमित पीरियड्स होते हैं , तो समय पर अल्ट्रासाउंड से जांच करवाना जरूरी है।