Crohn’s Disease तरह का Inflammatory Bowel Disease है, जो आप के पाचन तंत्र को असर करता है। यह किसी भी हिस्से में होता है. मुँह से लेकर गुदा तक और आमतौर पर आंतों के दीवार में सूजन तथा घाव पैदा करता है।
- यह जानलेवा नहीं होता है, पर इसका असर जीवन के गुणवत्ता पर गहरा पड़ता है।
२) Crohn’s Disease होने के क्या लक्षण होते है?
Crohn’s Disease के लक्षण अलग -अलग लोगों में अलग ही होते हैं। आम लक्षणों में शामिल हैं,
- बार-बार दस्त का लगना
- पेट में दर्द का होना तथा ऐंठन का होना
- थकान तथा कमजोरी जैसा लगना
- वज़न का कम हो जाना
- भूख भी कम लगना
कभी-कभी सूजन शरीर के कुछ हिस्सों में जैसे की, आंख, जोड़ों पर भी दिखाई दे सकती है।
३) Crohn’s Disease का सही इलाज क्या है?
- इसका स्थायी इलाज अभी तक नहीं मिला है, पर इसके लक्षणों को कण्ट्रोल किया जा सकता है। इलाज आमतौर पर तीन तरीके से करते है,
#1. दवा मैन रोल को निभाती हैं। जिस से सूजन कम हो जिस से लक्षणों को कण्ट्रोल कर सकते है.
- ध्यान दें : दवा को हमेशा ही डॉ. के निगरानी में ही लें।
# 2. सर्जरी - कुछ मामलों में जब दवा असर नहीं करतीं है, या तो,आंत में घाव, बन जाते हैं, तो सर्जरी की जरुरत पड़ सकती है।
- सर्जरी में भी प्रभावित हिस्से को हटा देते है। यह पुरे तरह से ठीक नहीं करती, पर लक्षणों को कम करने में मदद करते है।
#3. जीवनशैली तथा सपोर्टिव केयर
- इस बीमारी में दर्दी को जीवनशैली में परिवर्तन की जरूरत होती है।
- तनाव को कम करने के लिए डेली योग करे.
- धूम्रपान इस बीमारी को बढ़ा सकता है।
- नियमित डॉ. के निगरानी में इलाज को किया जा सकता है.
४) Crohn’s Disease के सही डाइट प्लान क्या है?
Crohn’s Disease में सही सही डाइट प्लान लेने से लक्षणों को कम किया जा सकता है. पोषण की कमी को पूरा किया जा सकता है।
#1 क्या नहीं खाये#
- कठिन पचने वाले खाद्य पदार्थ जैसे की, साबुत अनाज, बीन्स, कच्चे फल और सब्जियाँ।
- अत्यधिक तैलीय तथा मसालेदार भोजन न करे।
- ज्यादा मसालेदार भोजन भी पेट में जलन को बढ़ाते हैं।
- डेरी खाद्य पदार्थ जिसमे दूध, पनीर से बचें।
- शराब से दस्त तथा सूजन बढ़ा सकते हैं। तो नहीं लेना चाहिए।