आज के बदलते हुए जीवनशैली के कारण से लिवर में चर्बी जमना आम समस्या बन गई है।
- यह स्थिति शुरुआती चरण में कोई गंभीर लक्षण नहीं दिखाई देते है, पर समय इसका इलाज न किया जाए तो लीवर सिरोसिस तथा लीवर फेल्योर जैसी गंभीर बीमारी का कारण भी बन सकती है।
२) लिवर और उसका काम क्या होता है?
लीवर शरीर का महत्वपूर्ण भाग है। यह हमारे शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालता है, तथा भोजन से ऊर्जा का निर्माण भी करता है.
- फैटी एसिड तथा कोलेस्ट्रॉल संतुलन को बनाए रखता है। लिवर में चर्बी जमा होने लगता है, तो उसके काम पर भी असर होने लगता है।
३) लिवर में चर्बी जमने के क्या - क्या मुख्य कारण होते है ?
1. अस्वस्थ खानपान
- ज्यादा तेल तथा तला भुना तथा जंक फूड का सेवन।
- चीनी तथा शुगर वाले पेय का ज्यादा मात्रा में सेवन।
- प्रोसेस्ड फूड का सेवन
2. मोटापा
- जयदा वजन तथा पेट की चर्बी सीधे ही लिवर में चर्बी जमने का कारण बनती है।
3. शराब का ज्यादा सेवन
- शराब का ज्यादा सेवन करने से लिवर को असर करता है। यह Alcoholic Fatty Liver Disease का मैन कारण है।
4. मधुमेह तथा इंसुलिन प्रतिरोध
- टाइप - 2 मधुमेह में लिवर चर्बी को सही तरह से प्रोसेस नहीं कर पाता है।
- इंसुलिन प्रतिरोध के कारण से लिवर में फैटी एसिड निर्माण बढ़ जाता है।
5. अनुवांशिकता
- अगर परिवार में किसी को भी फैटी लिवर की समस्या है, तो इसका जोखिम बढ़ जाती है।
6. दवा तथा हार्मोनल का असंतुलन
- स्टेरॉयड, एंटीबायोटिक तथा कुछ हार्मोनल दवा के ज्यादा उपयोग।
४) लिवर में चर्बी के कितने प्रकार होते है?
1. Non-Alcoholic Fatty Liver Disease :: गैर-अल्कोहलिक फैटी लिवर है।
- मोटापा तथा खराब खानपान , इंसुलिन का प्रतिरोध का मैन कारण हैं।
2. Alcoholic Fatty Liver Disease :: ज्यादा शराब पीने से होता है।
- शराब के कारण से ही लिवर में चर्बी जमा हो जाती है. तथा सूजन शुरू हो जाती है।
५) लिवर में चर्बी होने के क्या - क्या लक्षण होते है?
शुरुआत में कोई भी तरह के लक्षण नहीं दिखते है। जैसे-जैसे स्थिति बढ़ती है,
- थकान तथा कमजोरी का महसूस होना
- भूख भी कम लगना तथा वजन का बढ़ जाना
- मतली तथा उल्टी
- आंखों का पीलापन (पीलिया ) जैसे - गंभीर स्थिति में
नोट:: शुरुआती चरण में ब्लड का टेस्ट तथा अल्ट्रासाउंड से ही फैटी लिवर के पहचान होती है।
६) लिवर में चर्बी से बचाव तथा उपचार?
1. अच्छा खानपान
- ज्यादा तला-भुना तथा अधिक मीठा भोजन को कम ही करें।
- फलों, सब्जियों तथा ओट्स के सेवन को बढ़ाएं।
2. वजन को नियंत्रण
- नियमित कसरत करने से वजन कण्ट्रोल में होता है, लिवर में जमा फैट कम होता है।
3. शराब से दुरी
- लिवर में चर्बी जमा है, तो शराब को पूरी तरह से बंद करना चाहिए।
4. नियमित व्यायाम
5. दवाओं का सही तरह से उपयोग
- डॉ. के सलाह बिना कोई भी दवा को न लें।
6. नियमित जांच
- अल्ट्रासाउंड को सही समय पर करवाएं। जिस से की शुरुआती पहचान होने से जटिलताओं से बचा जा सकता है।