
१) पैंक्रियास ट्यूमर क्या है?
अग्न्याशय शरीर का बहुत ही महत्वपूर्ण भाग है, जो के पेट के ऊपरी भाग में, आमाशय के पीछे स्थित होता है। इसके मुख्य दो काम करता है.
(१)पाचन एंजाइम बनाना जो के भोजन को पचाने में सही से मदद करते हैं.
(२) इंसुलिन जैसे हार्मोन बनाना जो ब्लड शुगर को कण्ट्रोल करते हैं।
- अग्न्याशय की कोशिकाओं में असामान्य वृद्धि होने लगती है जिस से गांठ बन जाती है, तो उसे Pancreas ट्यूमर कहा जाता है।
(२) पैंक्रियास ट्यूमर के कितने प्रकार होते है?
पैंक्रियास ट्यूमर को मुख्य दो प्रकार में बांटा जाता है.
1. सौम्य ट्यूमर
ट्यूमर कैंसर नहीं है. पर शरीर के कोई भी भाग में नहीं फैलता है.
2. घातक ट्यूमर
यह कैंसर ट्यूमर होते हैं. और बहुत ही तेजी से बढ़ सकते हैं।
(३) पैंक्रियास ट्यूमर होने के क्या - क्या कारण हो सकते है?
पैंक्रियास ट्यूमर बनने का कोई निश्चित कारण नहीं है, पर कुछ जोखिम कारक इसकी संभावना बढ़ा सकते हैं. जैसे की,
- ज्यादा लंबे समय तक धूम्रपान करना।
- ज्यादा शराब का सेवन करना।
- मोटापा का बढ़ जाना।
- मधुमेह।
- परिवार में कोई को भी पैंक्रियास कैंसर का इतिहास है ,तो जोखिम का खतरा बढ़ जाता है.
(४) पैंक्रियास ट्यूमर होने के लक्षण क्या होते है?
- शुरुआती स्टेज में पैंक्रियास ट्यूमर के लक्षण हल्के होते हैं. या नहीं दिखते, इसलिए जैसे-जैसे ट्यूमर बढ़ता है, निम्न लक्षण हो सकते है, जैसे की,
- पेट के ऊपरी भाग में तेज दर्द का होना , जो के पीठ तक भी फ़ैल सकता है.
- वजन का तेजी से कम हो जाना।
- भूख भी सही से न लगना।
- गहरे रंग का पेशाब तथा हल्के रंग का मल का होना।
- डायबिटीज का कण्ट्रोल में न होना।
(५) पैंक्रियास ट्यूमर के जांच कैसे होती है?
पैंक्रियास ट्यूमर के पुष्टि के लिए कुछ तरह की जांचें की जाती हैं. जैसे की,
1. ब्लड टेस्ट
2. इमेजिंग टेस्ट
3. एंडोस्कोपिक जांच
4. बायोप्सी
# पैंक्रियास ट्यूमर से बचाव तथा सावधानियां कैसे रखे?
पैंक्रियास ट्यूमर को पूरी तरह रोक पाना मुश्किल है, पर कुछ उपायों से जोखिम को कम किया जा सकता है. जैसे की,
- धूम्रपान तथा शराब को पूरी तरह से बंद कर दे.
- संतुलित आहार को लें, जिस में फल और सब्जियां ज्यादा का सेवन हों.
- नियमित कसरत करें।
- मोटापा तथा मधुमेह को कण्ट्रोल में रखें।
- पेट का दर्द, पीलिया , वजन घट जाना जैसे लक्षणों को कभी भी नजर अंदाज न करें।