हमारे शरीर का महत्वपूर्ण अंग है, जो के खून को साफ करने, और पाचन में मदद करने तथा पोषक तत्वों को संग्रहित करने और विषैले तत्वों को बाहर निकालने का काम करता है।
- जब किसी कारण से लिवर कोशिकाओं को बार-बार नुकसान पहुँचता है, तो वहाँ घाव बनने लगते हैं। इसी स्थिति को लिवर फाइब्रोसिस कहा जाता है।
- लिवर फाइब्रोसिस बीमारी नहीं, पर लिवर को लंबे समय तक हुए नुकसान का परिणाम है। इसका इलाज संभव है और इसे आगे बढ़ने से रोका जा सकता है।
२ ) लिवर फाइब्रोसिस होने के मुख्य क्या -क्या कारण होते है?
- शराब के बहुत ही ज्यादा उपयोग से।
- फैटी लिवर
- हेपेटाइटिस - B और हेपेटाइटिस - C का संक्रमण।
- मोटापा और मधुमेह
- आयरन या तो,कॉपर का ज्यादा जमा होना
३ ) लिवर फाइब्रोसिस होने के क्या -क्या लक्षण होते है?
शुरुआती अवस्था में तो, कोई भी खास लक्षण नहीं दिखते। जैसे-जैसे बीमारी बढ़ती है,तो, कुछ लक्षण यह हो सकते है.
- थकान तथा कमजोरी जैसा लगना।
- भूख भी नहीं लगना।
- वजन का कम हो जाना।
- पेट के ऊपरी वाले भाग में दर्द का होना।
४) लिवर फाइब्रोसिस का सही इलाज क्या हो सकता है?
- लिवर फाइब्रोसिस का कोई “जादुई इलाज” नहीं है, पर सही कारण को पहचान कर के और जीवनशैली में बदलाव कर के इसे रोकना संभव है।
#1. कारण का इलाज सबसे जरूरी
- शराब को पूरी तरह से बंद कर दे तो अच्छा है.
- हेपेटाइटिस - B या हेपेटाइटिस - C में एंटीवायरल दवाएँ।
- वजन का कम होना।
# 2. जीवनशैली में बदलाव
इलाज का सबसे महत्वपूर्ण भाग है:
- डेली ३०-४० मिनट जैसा योग करना।
- वजन को कण्ट्रोल में रखना।
- धूम्रपान को पुरे तरह से बंद कर दे.
3 . लिवर फाइब्रोसिस के लिए डाइट प्लान
#क्या खाएँ#
- हरी सब्जियाँ में (पालक, लौकी).
- फल (सेब,अमरूद,पपीता).
- दालें तथा हल्का प्रोटीन।
#क्या न खाएँ#
- शराब का सेवन न करे।
- तला-भुना ,तथा जंक फूड।
- कोल्ड ड्रिंक
५) क्या लिवर फाइब्रोसिस हमेशा के लिए ठीक हो सकता है?
- शुरुआती स्टेज (F1– F2) में लिवर फाइब्रोसिस को कम और कण्ट्रोल किया जा सकता है।
- एडवांस स्टेज (F3–F4) में इसे पूरी तरह से ठीक करना मुश्किल होता है, पर सही इलाज से स्थिति को कम किया जा सकता है.