पैंक्रियाटाइटिस यह शब्द सुनते ही लोगों के मन में एक भय हो सकता है । यह एक ऐसी स्थिति है, जो पैंक्रियाज के सूजन से जुड़ी होती है, अग्न्याशय जो हमारे पेट के पीछे स्थित होता है और यह पाचन में अहम रोल निभाता है।
- यह इंसुलिन और ग्लूकागॉन जैसे हार्मोन्स का उत्पादन भी करता है, जो की शरीर में ब्लड शुगर को नियंत्रित करते हैं। जब अग्न्याशय में सूजन आ जाती है, तो यह उसके कार्य करने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है और इससे पाचन और हार्मोनल संतुलन बाधित हो सकता है।
२) पैंक्रियाटाइटिस होने पर कौन-कौन से लक्षण देखने को मिलते है ?
पैंक्रिअटिटिस के लक्षण हल्के से गंभीर भी हो सकते हैं, आमतौर पर पैंक्रियाटाइटिस में पाए जाने वाले लक्षण निम्नलिखित हैं:
-पेट में सूजन और कोमलता
-भूख भी कम लगना और अपच होना -वजन का घट जाना
-आँतों की गति में कमी
३) पैंक्रियाटाइटिस से बचने के उपाय?
पैंक्रियाटाइटिस से बचने के लिए कुछ उपाय बताये गए है ,जिसे की -संतुलित आहार का सेवन करें, जिसमें फल, सब्जियाँ, और अनाज शामिल हों। - कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करें। -नियमित व्यायाम करें जिससे वजन नियंत्रित रहे।