Vitamin B12, जिसे कोबालामिन भी कहा जाता है, यह पानी में घुलनशील विटामिन है, जो हमारे शरीर के लिए महत्वपूर्ण कार्यों के लिए जरुरी है। यह विशेष रूप से तंत्रिका तंत्र , लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण तथा DNA Synthesis में रोलनिभाता है।
- यदि शरीर में Vitamin- B12 के कमी हो जाए, तो कई स्वास्थ्य के समस्याएँ हो सकती हैं।
२) Vitamin - B12 हमारे शरीर के लिए क्यों जरुरी है?
1. लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में
- इसका मैन काम शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण करना है।
- लाल रक्त कोशिकाएँ शरीर में ऑक्सीजन एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाने का काम करते हैं।
- जब भी शरीर में B12 की कमी हो जाये तो, लाल रक्त के कोशिका असामान्य रूप कमजोर बनती हैं, जिस से मेगालोब्लास्टिक एनीमिया हो सकता है।
2. तंत्रिका तंत्र को स्वस्थ बनाये रखता है.
Vitamin - B12 नसों के सुरक्षा करने वाली पर्त माइलिन शीथ के निर्माण में मदद करता है।
- यह परत नसों को सुरक्षित रखती है.
#Vitamin B12 की कमी से
- हाथ-पैरों में झनझनाहट जैसा लगना
- याददाश्त शक्ति का कमजोर होना
- डिप्रेशन
जैसी समस्याएँ हो सकती हैं।
3. DNA निर्माण में भूमिका
- शरीर की हर कोशिका में DNA होता है, जो शरीर के विकास तथा कार्यों को कण्ट्रोल करता है।
- Vitamin B12 DNA के निर्माण में मदद करता है। शरीर में नए कोशिका का निर्माण तेजी से होता है।
4. ऊर्जा को बढ़ाने में उपयोगी - Vitamin B12 सीधे ही ऊर्जा प्रदान नहीं करता है, पर भोजन को ऊर्जा में बदलने में सहायक होता है।
- B12 कमी होने पर अत्यधिक थकान, कमजोरी महसूस हो सकती है।
5. हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभदायक - Vitamin - B12 शरीर में होमोसिस्टीन नामक अमीनो एसिड के लेवल को कण्ट्रोल करने में मदद करता है।
- होमोसिस्टीन स्तर बढ़ जाए, तो हृदय रोगों का जोखिम भी बढ़ सकता है।
३) Vitamin B12 कमी के कारण क्या -क्या होते है?
- पेट में हाइड्रोक्लोरिक एसिड का निर्माण में असमर्थता।
- पेट ,आंतों के बीमारी (जैसे की, गैस्ट्राइटिस या तो, सीलिएक रोग). - पेट में सूजन
- डेली शराब को पीना।
- ज्यादा समय तक एंटी-एसिड दवा का सेवन करना
४) Vitamin B12 के स्रोत क्या - क्या है?
- Vitamin B12 के स्रोत निचे अनुसार हो सकते है, जैसे की,
- दूध तथा दूध से बने समान - अंडा
- मछली
- फोर्टिफाइड अनाज
शाकाहारी लोगों के लिए B12 सप्लीमेंट लेना फायदेमंद हो सकता है, पर डॉ. के सलाह से लेना चाहिए।
५) किन लोगों को ध्यान देना चाहिए? - बुजुर्ग व्यक्ति - गर्भवती महिलाएँ
- मधुमेह , पेट के संबंधी रोग से पीड़ित दर्दी