Rheumatoid Arthritis treatment in homeopathy
१) रुमेटॉयड आर्थराइटिस क्या है?
यह तो दीर्घकालिक ऑटोइम्यून की बीमारी है, जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से अपने ही जोड़ों पर हमला कर देती है।
- इसके कारण जोड़ों में सूजन का होना , दर्द, कठोरता और समय के साथ जोड़ों का क्षरण भी हो सकता है।
२)रुमेटॉयड आर्थराइटिस(RA) के मुख्य लक्षण?
- जोड़ों में सूजन और दर्द :– खासकर हाथों और कलाई, या तो घुटनों और पैरों में।
- सुबह के समय सो के उठने के बाद जोड़ों में अकड़न होने वाली यह कठोरता अधिक समय तक बनी रहती है।
- थकान और कमजोरी : – सामान्य काम को करने में भी थकान जैसा महसूस होना।
- समानांतर रूप से यह स्थिति आमतौर पर जोड़ों को और दोनों हाथों को या दोनों पैरों को समान रूप से असर करती है।
३) कारण?
इसके कारण पूरी तरह से पता नहीं हैं, पर इसके पीछे मुख्य रूप से निम्न कारक होते हैं:
- शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली अपने ही आप से जोड़ों को नुकसान पहुंचाती है।
- कुछ लोगो में अनुवांशिकी होते है ,तो RA के जोखिम को बढ़ा सकते हैं।
- महिलाओं में RA पुरुषों की तुलना में सबसे से अधिक पाया जाता है, जो की 30-60 वर्ष की उम्र में।
४) RA की क्या जटिलताएँ होती है?
अगर RA का सही समय पर सही इलाज नही किया जाए तो यह गंभीर जटिलताएँ पैदा कर सकता है:
- हड्डियों में कमजोरी हो जाना।
- आंतरिक भागों में सूजन का होना
- डेली के कामों में असमर्थता
५) इसका क्या निदान है?
RA का निदान कई तरीकों से किया जाता है:
- शारीरिक जांच जैसे की :– जोड़ों में सूजन का होना , पाँव का अकड़ जाना।
- इमेजिंग जांच : – एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड या एमआरआई के माध्यम से जोड़ों की स्थिति का मूल्यांकन किया जाता है।
#उपचार?
RA का इलाज मुख्य रूप से लक्षणों को कम करना, सूजन नियंत्रित करना और जोड़ों की क्षति रोकना होता है।
*फिजिकल थेरेपी*
- जोड़ों के लचीलापन बनाए रखने के लिए
- मांसपेशियों की ताकत बढ़ाने के लिए
- सर्जरी (Surgery)
- गंभीर जोड़ों के नुकसान में रिप्लेसमेंट या मरम्मत के लिए
*जीवनशैली और सावधानियाँ*
- नियमित थोड़ा -थोड़ा करके एक्सरसाइज करना
- पौष्टिक आहार का उपयोग करना
- धूम्रपान और शराब से दुरी बनाये रखे.
- डॉक्टर के नियमित चेकअप और दवा का पालन