homeopathic me liver cancer ka treatment
१) लीवर कैंसर क्या है?
लीवर हमारे शरीर का सबसे बड़ा भाग है। जो की , भोजन को पचाने में ,और शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है।
- लीवर कैंसर जिसे हेपेटिक कैंसर के नाम से भी जाना जाता है,
-यह बीमारी जब होती है जब प्राकृतिक कोशिका वृद्धि प्रक्रिया बाधित होने लग जाती है, जिससे लीवर में अनियंत्रित ट्यूमर बनता है।
इन कैंसर कोशिकाओं में शरीर के भागो में फैलने की क्षमता होती है।
२) लिवर कैंसर होने के क्या-क्या लक्षण हो सकते है ?
लिवर कैंसर के लक्षण निचे बताये गए अनुसार हो सकते है ,जैसे की ,
- पेट के ऊपरी-दाएँ भाग में दर्द का होना
- त्वचा और आँखों का पीला हो जाना
-मतली या उल्टी
-वजन का कम होना
-थकान लगना या कमज़ोरी
-आसानी से चोट लगना या खून बहना
३) लिवर कैंसर के क्या कारण हो सकते है?
लिवर कैंसर कारण निचे बताये गए है ,जो की इस प्रकार से है ,
- शराब का ज्यादा सेवन : ज्यादा शराब पीने से लिवर में सिरोसिस होता है, जो लीवर कैंसर का कारक है
-सिरोसिस : लीवर की गंभीर बीमारी है जिसमें लीवर के ऊतक क को नुक्सान हो जाते हैं और ऊतक में निशान पड़ जाते हैं.
- वंशानुगत रोग : कुछ पारिवारिक इतिहास के कारण से ये रोग होने के कारण है
-ज्यादा वसा : अधिक चर्बी वाले फैटी लिवर और गैर-अल्कोहल फैटी लिवर रोग भी लीवर कैंसर जोखिम को बढ़ा सकते हैं.
- मधुमेह : लीवर कैंसर के खतरे को बढ़ा सकता है
.- कुछ दवाएं और संक्रमण भी लीवर कैंसर का कारण बन सकते हैं.
४) लिवर कैंसर के जोखिम कारक क्या है?
1. लिंग
ये बीमारी महिलाओं की तुलना में पुरुषों में ज्यादा देखने को मिलती है
2. आयु
60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों में देखे जाते हैं, खासकर 80 से 95 वर्ष की आयु के लोगों में लिवर कैंसर होता है
3. पारिवारिक इतिहास
यदि किसी व्यक्ति के परिवार में इस बीमारी का इतिहास है, तो उसे यह बीमारी होने का अधिक जोखिम होता है
4) जीवनशैली विकल्प
- मोटापा
- शराब का अत्यधिक सेवन
- धूम्रपान
5) हानिकारक रसायनों
हानिकारक रसायनों के संपर्क में आना