low blood pressure treatment in homeopathy
१) हाइपोटेंशन क्या है?
मानव शरीर के सब अंग सही तरीके से काम करने के लिए सही मात्रा में ऑक्सीजन और पोषक तत्वों जरुरी होता है. जो की खून के माध्यम से उन तक पहुँचते हैं।
- खून का प्रवाह तब ही सही तरीके से होता है, जब की हमारे शरीर में रक्तचाप संतुलित हो।
- जब रक्तचाप बहुत ही कम हो जाता है, तो शरीर के अंगों को सही मात्रा में रक्त नहीं मिल पाता है, जिस से की कई समस्याएं हो सकती हैं। इस स्थिति को हाइपोटेंशन कहते है.
२) हाइपोटेंशन के कितने प्रकार के होते है?
यह ४ तरह का होता है,
- (१) Orthostatic Hypotension : कोई भी व्यक्ति लेटे हुये या बैठे अवस्था से खड़ा होता है,तब ब्लड प्रेशर कम हो जाता है.
- (२) Postprandial Hypotension : भोजन करने के बाद भी ब्लड प्रेशर में कमी का देखा जा सकता है.
- (३) Neurally Mediated Hypotension : ज्यादा समय तक खड़े रहने से भी या तनाव के कारण से भी ब्लड प्रेशर कम हो सकता है.
- (४) Severe Hypotension :
यह एक आपातकालीन स्थिति होती है जिसमें शरीर के अंगों को पर्याप्त रक्त नहीं मिल पाता।
३) हाइपोटेंशन के क्या संभावित कारण हो सकते है?
- शरीर में पानी की मात्रा में कमी होने पर ही रक्त की मात्रा भी घट जाती है, जिस से की ब्लड प्रेशर कम होता है.
- प्रेग्नेंसी के दौरान भी शरीर में रक्त प्रवाह में परिवर्तन होता है, जिस से की रक्तचाप कम हो सकता है।
- एंडोक्राइन जैसे समस्याएं से भी थायरॉयड की गड़बड़ी, एड्रिनल ग्रंथि की समस्या, लो ब्लड शुगर।
- लाल रक्त कोशिका की कमी होने से भी ऑक्सीजन सप्लाई कम हो जाती है।
- गंभीर संक्रमण से शरीर में सूजन और रक्त प्रवाह को काफी हद तक असर कर सकता है।
- एलर्जी रिएक्शन से भी रक्तचाप को तेजी से गिरा सकती है।
४) हाइपोटेंशन के लक्षण क्या है?
- चक्कर का आते रहना और बेहोशी जैसा होना
- थकान और कमजोरी जैसा लगना
- आँखो से सही दिखाई न देना
- ध्यान को केंद्रित करने में परेशानी का होना
- मतली या उल्टी
५) हाइपोटेंशन का निदान कैसे किया जाता है?
डॉक्टर आपके लक्षणों, और शारीरिक जांच के आधार पर ही निम्नलिखित जांच कर सकते हैं:
- ब्लड प्रेशर को मापन : बैठने और लेटने या ज्यादा समय तक खड़े होने की स्थिति में चेक किया जाता है।
- ECG : दिल की कार्य क्षमता का पता करने के लिए।
- ब्लड टेस्ट : हार्मोन का असंतुलन होना या संक्रमण का पता करने के लिए।
#हाइपोटेंशन का इलाज
इलाज पूरी तरह इस पर निर्भर करता है कि इसका कारण क्या है और लक्षण कितने गंभीर हैं:
(1) जीवनशैली में परिवर्तन करने से
- पर्याप्त मात्रा में पानी को पीना सही हो सकता है.
- डॉक्टर के सलाह से भोजन में नमक की मात्रा को कम या बताये अनुसार ही
लेना।
- हल्का भोजन ही करें।
(2 ). आपातकालीन की स्थिति में
- अगर पेशेंट बेहोश हो जाये तो IV Fluids भी देते है।
- सांस लेने में कोई तरह की परेशानी हो तो ऑक्सीजन का सपोर्ट।
#हाइपोटेंशन से बचाव के उपाय?
- ज्यादा मात्रा में पानी को पीना सही होता है.
- ज्यादा गर्मी से बचें।
- लम्बे समय तक खड़े नहीं रहना।
- डॉक्टर के अनुसार ही दवाओं का सेवन करें।
- ब्लड प्रेशर को डेली समय पर चेक करना सही होता है.