Obsessive-Compulsive Disorder treatment in homeopathy
१) ऑब्सेसिव-कंपल्सिव डिसऑर्डर (OCD) क्या है?
ऑब्सेसिव-कंपल्सिव डिसऑर्डर एक सामान्य, दीर्घकालिक और दुर्बल करने वाला मानसिक स्वास्थ्य विकार है।
- यह दो मुख्य घटकों की विशेषता है:
१) ऑब्सेशन (Obsessions) और २) कंपल्शन (Compulsions)।
(१) ऑब्सेशन ::अनचाहे, बार-बार आने वाला विचार, और छवियां या आवेग होते हैं, जो के चिंता या परेशानी का कारण बनते हैं।
(२) कंपल्शन :: वे दोहराव वाले व्यवहार या मानसिक कार्य होते हैं, जिन्हें व्यक्ति चिंता को कम करने के लिए, या ऑब्सेशन के कारण होने वाली किसी भयावह घटना को रोकने के लिए मजबूरन करता है।
२) OCD के क्या कारण होते है?
OCD का कोई निश्चित कारण नहीं है; यह आमतौर पर जैविक, आनुवंशिक और पर्यावरणीय कारकों के संयोजन से उत्पन्न होता है।
#OCD के कारण निचे बताये अनुसार हो सकते है, जैसे की -
- जेनेटिक/परिवार में होने वाला कारण :: परिवार में किसी को OCD, या anxiety disorder है, तो बच्चे में होने की संभावना बढ़ जाती है।
- दिमाग की संरचना में परिवर्तन :: कुछ लोगों में दिमाग का वो भाग जो decision making, thinking और behavior control को संभालते हैं, वे बदल हुए पाए जाते हैं।
- तनाव या तो ,जीवन की कठिन परिस्थितियाँ ::
** रिश्तों में तनाव का होना
** आर्थिक तनाव
** बड़ा एक्सीडेंट

३) OCD के क्या लक्षण दिखाई देते है?
OCD के लक्षण इस तरह हो सकते है,
-
(१) बार-बार परेशान करने वाले विचार का आना जो की व्यक्ति सोचता भी नहीं है.
**नार्मल Obsessions**
- बार-बार इस बात का डर लगा रहता है, कि कहीं कुछ गलत तो नहीं कर दिया।
- कुछ बुरी घटना होने का भी डर लगना।
- बार-बार शंका का होना जैसे की, गैस बंद किया के नहीं।
(२) बार-बार किए जाने वाला व्यवहार :: इसमें व्यक्ति एक ही काम को दुबारा से करता है, -
- अपने हाथों को बार-बार साबुन से धोना।
- गिनती करना (जैसे की,- सीढ़ियाँ, कदम या वस्तुएँ )
- बार-बार दरवाज़ा, और गैस, ताला को चेक करते रहना
- किसी काम को तब तक करना जब तक वो “सही लगे” न लगे।
४) कब OCD को गंभीर समझें?
अगर नीचे बताये अनुसार बातें होने लगें, तो यह गंभीर रूप है:
- चिंता और डर बहुत ही ज्यादा बढ़ जाए.
- जब नींद भी सही से नहीं आ रही है.
- कोई भी काम पर ध्यान नहीं लग पाए.