इस प्रकार के क्रोनिक पैंक्रियाटाइटिस है, जिसमें लंबे समय तक सूजन बनी रहने से पैंक्रियास में कैल्शियम के कण बनने लग जाते हैं। ये कण पैंक्रियास की नली को ब्लॉक कर देते हैं, जिससे पाचन एंजाइम्स का बहाव बाधित होता है। इससे न सिर्फ पाचन खराब होता है, बल्कि (diabetes) जैसी जटिलताएं भी हो सकती हैं।
२) क्रोनिक कैल्सिफिक पैंक्रियाटाइटिस मुख्य कारण क्या है?
-ज्यादा मात्रा में शराब का सेवन (सबसे सामान्य कारण) -आनुवंशिक या पारिवारिक कारण
-कुपोषण या अधिक वसा युक्त भोजन -ऑटोइम्यून बीमारियां
-ट्रॉपिकल पैंक्रियाटाइटिस (भारत और दक्षिण एशिया में आम)
३) क्रोनिक कैल्सिफिक पैंक्रियाटाइटिस के प्रमुख लक्षण कौन -कौन से है ?
-ऊपरी पेट में लगातार या रुक-रुक कर तेज दर्द
-वजन घटना
-भोजन के बाद दर्द बढ़ना -पाचन संबंधी समस्याएं (डायरिया, फैटी स्टूल्स)
मधुमेह के लक्षण – प्यास, पेशाब, थकान
पेट फूलना या गैस बनना
४) निदान (Diagnosis)?
-सोनोग्राफी या सीटी स्कैन: पैंक्रियास में कैल्शियम जमा होने की पुष्टि -एमआरसीपी / ईआरसीपी: पैंक्रियास की नलियों का दृश्य
-ब्लड टेस्ट: लिपेज, एमाइलेज, शुगर लेवल
- स्टूल टेस्ट: वसा की मात्रा का परीक्षण
एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड (EUS): उच्च संवेदनशीलता वाला टेस्ट
५) उपचार (Treatment)
क्रोनिक कैल्सिफिक पैंक्रियाटाइटिस का इलाज लंबी अवधि के लिए किया जाता है और इसका उद्देश्य दर्द को नियंत्रित करना, पाचन में सुधार लाना और मधुमेह जैसी जटिलताओं से बचाना होता है।
1. दवा से उपचार
✅ दर्द नियंत्रक दवाएं:
पेरासिटामोल या ट्रामाडोल
कुछ मामलों में ओपिओइड (नियंत्रित मात्रा में)
✅ एंजाइम सप्लीमेंट:
-पैंक्रियाटिक एंजाइम कैप्सूल यह भोजन के पाचन में मदद करते हैं और वजन घटने से बचाते हैं।
✅ इंसुलिन या डायबिटीज की दवाएं:
-यदि पैंक्रियास इंसुलिन बनाना बंद कर देता है, तो मरीज को मधुमेह हो जाता है।
2. आहार और जीवनशैली ✅ आहार में बदलाव: - कम वसा वाला आहार - बार-बार थोड़े-थोड़े भोजन लेना - शराब और धूम्रपान से पूरी तरह परहेज - पर्याप्त पानी पीना
✅ पोषण सलाह:
-मल्टीविटामिन सप्लीमेंट
-प्रोटीन युक्त संतुलित आहार
3. एंडोस्कोपिक या सर्जिकल उपचार -अगर दर्द बहुत अधिक हो या पैंक्रियास की नलियों में रुकावट हो तो: