गुर्दे हमारे शरीर के महत्वपूर्ण भाग में से एक हैं जो, की खून को साफ करने में , अपशिष्ट निकालने और शरीर के तरल पदार्थों का संतुलन बनाए रखने का काम करते हैं।
- जब किडनी 90% से अधिक कार्य करने की क्षमता खो देती हैं, तो उसे किडनी फेलियर (Kidney Failure) कहा जाता है। यह स्थिति गंभीर होती है और इसके उपचार के लिए उचित समय पर उचित डॉक्टर की आवश्यकता होती है।
१) किडनी फेलियर होने के प्रमुख कारण क्या होते है ?
किडनी फेल होने के प्रमुख कारण निचे बताये अनुसार हो सकते है , जैसे की ,
- मधुमेह : लंबे समय तक अनियंत्रित शुगर स्तर किडनी की रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुँचा सकता है।
- उच्च रक्तचाप : उच्च दबाव किडनी की रक्त आपूर्ति को असर करता है।
- बार-बार पेशाब में संक्रमण : लंबे समय तक संक्रमण होने से किडनी खराब हो सकती है।
२) किडनी फेलियर के क्या-क्या लक्षण दिखाई देते है?
किडनी फेलियर के लक्षण निचे अनुसार हो सकते है ,जैसे की ,
-अत्यधिक थकान और कमजोरी लगना
-बार-बार उल्टी का होना या मतली
- भूख में कमी होना - पैरों, टखनों या चेहरे पर सूजन का आ जाना
- सांस लेने में भी दिक्कत होना
- पेशाब की मात्रा में बदलाव
३) किडनी फेलियर के कितने प्रकार होते है ?
किडनी फेलियर के २ प्रकार होते है जैसे की ,
१) एक्यूट किडनी फेलियर : अचानक से ही किडनी का कार्य करना बंद कर देना। सही समय पर इलाज से यह ठीक हो सकता है।
२) क्रॉनिक किडनी फेलियर: धीमे-धीमे किडनी की कार्य करने की क्षमता कम होती जाती है और यह स्थायी रूप से नुकसान देह होती है।
४) किडनी फेलियर इलाज के क्या विकल्प है ?
* डायलिसिस * डायलिसिस एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें मशीन के जरिये से खून में से अपशिष्ट पदार्थ और अतिरिक्त पानी को निकालना होता है। इसके दो प्रकार हैं:
- हेमोडायलिसिस : सप्ताह में 2 बार मशीन से रक्त को साफ किया जाता है।
- पेरिटोनियल डायलिसिस: पेट की परत का उपयोग कर के अपशिष्ट निकाला जाता है।
* किडनी ट्रांसप्लांट *
जब भी किडनी पूरी तरह से फेल हो जाती है, और डायलिसिस से आराम नहीं मिलती , तब किडनी प्रत्यारोपण एक स्थायी विकल्प होता है। - इसमें मरीज को एक अच्छे किडनी दानदाता से किडनी मिलती है, जिससे उसका जीवन फिर से सामान्य हो सकता है।
* दवाइयां और आहार प्रबंधन * - उच्च रक्तचाप और मधुमेह को कण्ट्रोल करने की दवाइयाँ - कम प्रोटीन और कम नमक , कम पोटेशियम वाला आहार
- पानी की मात्रा कण्ट्रोल