हृदय रोग आज के समय में दुनिया भर में मौत बड़ा कारण बन चुका है। भारत देश में भी हर साल लाखों लोग अब हृदय रोग के संबंधी समस्याओं से प्रभावित होते हैं।
- हृदय रोग कई तरह के होते हैं, जैसे की,कोरोनरी आर्टरी डिजीज, हार्ट-अटैक, हार्ट फेलियरआदि। अगर सही समय पर सही पहचान तथा इलाज से इस बीमारी को काफी हद तक कण्ट्रोल किया जा सकता है।
२) हृदय रोग के मुख्य क्या - क्या कारण होते है?
हृदय रोग के कई कारण हो सकते है, जैसे की,
- उच्च रक्तचाप
- मधुमेह
- हाई कोलेस्ट्रॉल
- धूम्रपान तथा तंबाकू का सेवन
- मोटापा
- ज्यादा तनाव
- सही तरह का खान-पान नहीं होना
इन जोखिम को नियंत्रित करके हृदय रोग के खतरे को कम किया जा सकता है।
३) हृदय रोग का इलाज?
हृदय रोग का इलाज रोग तथा उसके प्रकार पर निर्भर करता है। मुख्य रूप से तीन तरीकों से इलाज किया जाता है:
१) दवाइयों के द्वारा इलाज
डॉ. स्थिति के अनुसार ही दवाइयाँ को दे सकते हैं:,
- ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने की दवा
- कोलेस्ट्रॉल कम करने वाले दवा
-सीने में हो रहे दर्द को कम करने के दवा
इन दवा का डेली सेवन जरूरी होता है। बिना डॉ. की सलाह दवा को बंद नहीं करनी चाहिए।
२) एंजियोप्लास्टी
- अगर हृदय के धमनियों में ब्लॉकेज हो जाता है तो, डॉ. एंजियोप्लास्टी सलाह को देते हैं।
इसमें पतली ट्यूब के जरिए ब्लॉकेज वाली जगह पर स्टेंट को लगाया जाता है, जिस से रक्त प्रवाह सामान्य हो जाता है।
३) लाइफ़स्टाइल में परिवर्तन
- हृदय रोग के इलाज के साथ में दवा के साथ लाइफ़स्टाइल में बदलाव ज़रूरी है:
# स्वस्थ आहार का सेवन
- कम तेल ,कम नमक वाला भोजन करना
- हरी सब्ज़ियाँ , फल का उपयोग करना
- ओमेगा-3 (जैसे अखरोट, अलसी)
# नियमित कसरत
- रोज़ाना 30 मिनट तक सुबह तेज़ चलना
- योग करना
# धूम्रपान को छोड़ें
- तंबाकू तथा सिगरेट हृदय की धमनियों को नुकसान पहुँचाते हैं।
# तनाव को कम करें
ध्यान , योग तथा सही पर्याप्त नींद से तनाव कम करने में मदद करते हैं।
४ ) हार्ट अटैक के समय क्या करें?
अगर किसी व्यक्ति को अचानक से सीने में तेज दर्द का होना , सांस का फूलना ,बाएं हाथ में दर्द हो तो तुरंत ही,
- एम्बुलेंस को बुलाएं।
- व्यक्ति को आरामदायक स्थिति में बैठें। देर नहीं करें, तथा तुरंत ही अस्पताल ले जाएं। सही समय पर सही इलाज मिलने से जान बचाई भी जा सकती है।
५) जांच तथा नियमित परीक्षण के लिए क्या जरुरी है?
हृदय रोग से बचाव तथा समय पर सही इलाज के लिए नियमित जांच भी जरूरी है,
- ब्लड प्रेशर को चेक करना
- कोलेस्ट्रॉल का टेस्ट
- ईसीजी
40 साल के उम्र के बाद में नियमित हेल्थ का चेकअप करवाना चाहिए,
६) क्या हृदय रोग पूरी तरह से ठीक हो सकता है?
- हृदय रोग को पूरी तरह से खत्म नहीं किया जा सकता है, पर सही इलाज तथा जीवनशैली से इसे कण्ट्रोल किया जा सकता है।